न्यूज डेस्क,कवर्धा,छत्तीसगढ़,7अक्टूबर2026
कवर्धा-बेमेतरा मार्ग पर सड़क के बीच पशुओं को बैठे देखकर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने नाराजगी जताई। कवर्धा जाते समय मंगलवार देर रात बेमेतरा टोल प्लाजा के पास,उन्होंने अपना वाहन रुकवाया और मौके से ही संबंधित विभागीय अधिकारियों से फोन पर हाइवे पेट्रोलिंग व्यवस्था की जानकारी ली।उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पूछा,कि सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार हाइवे पर नियमित पेट्रोलिंग किस तरह की जा रही हैं,और सड़क पर मिलने वाले पशुओं को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए क्या कार्रवाई की जा रही हैं।
🟠पेट्रोलिंग वाहन को मौके पर बुलाया
अधिकारियों ने बताया,कि हाइवे पेट्रोलिंग वाहन द्वारा मार्ग का नियमित निरीक्षण किया जा रहा हैं। जानकारी मिलने के बाद उप मुख्यमंत्री ने पेट्रोलिंग वाहन को तत्काल मौके पर बुलवाया। उन्होंने टीम से अब तक किए गए पशु रेस्क्यू ऑपरेशन, रोजाना की जा रही पेट्रोलिंग और अन्य गतिविधियों की विस्तृत जानकारी ली।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि केवल कागजों में पेट्रोलिंग की व्यवस्था पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि इसकी वास्तविक निगरानी भी सुनिश्चित की जाए। इसके लिए कवर्धा से बेमेतरा के बीच आने वाले गांवों के स्थानीय लोगों से भी संपर्क रखा जाए और उनसे पेट्रोलिंग वाहन की गतिविधियों की नियमित जानकारी ली जाए।
🟠सड़क पर पशुओं से दुर्घटना का खतरा
उप मुख्यमंत्री ने कहा,कि हाईवे पर पशुओं का बैठना या विचरण करना केवल पशुओं की सुरक्षा से जुड़ा विषय नहीं हैं,बल्कि यह वाहन चालकों और यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा हैं। तेज रफ्तार वाहनों के बीच अचानक सड़क पर पशु आने से दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती हैं।विशेष रूप से रात के समय सड़क पर रोशनी और दृश्यता कम होने के कारण पशुओं को समय रहते देख पाना मुश्किल हो सकता हैं। ऐसे में हाईवे पेट्रोलिंग टीम की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती हैं।
🟠लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
विजय शर्मा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए,कि कवर्धा-बेमेतरा मार्ग पर नियमित और प्रभावी पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए। सड़क पर बैठे या विचरण करते हुए, पशु दिखाई देने पर उन्हें तत्काल सुरक्षित तरीके से सड़क से हटाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कार्रवाई की जाए।उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा,कि गौवंश की सुरक्षा और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि पेट्रोलिंग व्यवस्था में लापरवाही या उदासीनता सामने आती हैं,तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
🟠स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश
उप मुख्यमंत्री ने पेट्रोलिंग व्यवस्था को केवल विभागीय स्तर तक सीमित रखने के बजाय स्थानीय स्तर पर भी निगरानी मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने मार्ग में आने वाले गांवों के लोगों से लगातार संपर्क रखने और सड़क पर पशुओं की स्थिति की जानकारी समय पर पेट्रोलिंग टीम तक पहुंचाने के निर्देश दिए।इस पूरी कार्रवाई का उद्देश्य हाईवे पर पशुओं की मौजूदगी से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना और वाहन चालकों के साथ-साथ गौवंश की सुरक्षा सुनिश्चित करना हैं। अधिकारियों को पेट्रोलिंग व्यवस्था की नियमित समीक्षा और प्रभावी निगरानी बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।












