अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,11अक्टूबर2026
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में पशु तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए,सनावल पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी 17 मवेशियों को कथित रूप से मारते-पीटते हुए जंगल के रास्ते झारखंड की ओर ले जा रहे थे। पुलिस ने मौके से 14 गाय, 2 बछिया और 1 बछड़ा सहित कुल 17 मवेशियों को जब्त किया हैं। गिरफ्तार दोनों आरोपी झारखंड के गढ़वा जिले के निवासी हैं।पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 तथा छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया। कार्रवाई के बाद दोनों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया हैं।
🟠मुखबिर की सूचना पर जंगल में दबिश
सनावल थाना पुलिस के मुताबिक, 10 अक्टूबर 2026 को पुलिस टीम क्षेत्र में भ्रमण और गश्त पर निकली हुई थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग 10 से 15 मवेशियों को हांकते हुए ग्राम कामेश्वरनगर के, कोरवा पारा स्थित जंगल के रास्ते झारखंड की ओर ले जा रहे हैं। सूचना में आशंका जताई गई कि मवेशियों को वहां बूचड़खाने में कटाई के लिए ले जाया जा रहा हैं।सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम तत्काल बताए गए स्थान पर पहुंची और घेराबंदी कर कार्रवाई की। इस दौरान दो व्यक्ति गाय, बछिया और बछड़े को हांकते हुए जंगल के रास्ते झारखंड की ओर जाते मिले। पुलिस ने दोनों को पकड़कर पूछताछ की।
🟠झारखंड के रहने वाले हैं दोनों आरोपी
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों की पहचान राहत अंसारी (25 वर्ष), पिता आशिक अंसारी, निवासी खाला टोला सेराज नगर, थाना धुरकी, जिला गढ़वा, झारखंड तथा अख्तर अंसारी (25 वर्ष), पिता लियाकत अंसारी, निवासी टाटीदीरी, थाना धुरकी, जिला गढ़वा, झारखंड के रूप में हुई हैं।पुलिस का कहना हैं,कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने 17 मवेशियों को झारखंड की ओर कटाई के लिए ले जाने की बात स्वीकार की। इसके बाद गवाहों की मौजूदगी में मवेशियों को जब्त कर पुलिस ने अपने कब्जे में लिया।
🟠14 गाय, 2 बछिया और 1 बछड़ा जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कुल 17 मवेशियों को जब्त किया। इनमें 14 गाय, 2 बछिया और 1 बछड़ा शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, मवेशियों को हांककर ले जाने के दौरान उनके साथ मारपीट किए जाने की सूचना भी मिली थी। मामले में पशुओं के प्रति क्रूरता और पशु संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों के उल्लंघन के आरोप में कार्रवाई की गई हैं।पशुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के दौरान उनके साथ क्रूर व्यवहार करना कानूनन अपराध हो सकता हैं। ऐसे मामलों में पशुओं के परिवहन की परिस्थितियों, उनके साथ किए गए व्यवहार और संबंधित कानूनी प्रावधानों के आधार पर कार्रवाई की जाती हैं।
🟠न्यायिक रिमांड पर भेजे गए आरोपी
सनावल पुलिस ने बताया,कि आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 74/2026 के तहत पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 तथा छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6, 10 और 11(1)(घ) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया हैं। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।पुलिस की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में पशुओं के अवैध परिवहन और कथित तस्करी से जुड़े मामलों को लेकर फिर चर्चा शुरू हो गई हैं। ऐसे मामलों में समय पर सूचना मिलने और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पशुओं को संभावित क्रूरता से बचाने में मदद मिल सकती हैं।फिलहाल, मामले में पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार दोनों आरोपी गिरफ्तार हैं,और उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया हैं। आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।












