हॉकी खिलाड़ियों को मिला हरलीन देओल से सफलता का मंत्र,अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर ने कहा खुद पर भरोसा रखें, देश के लिए खेलने का सपना देखें

संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,11अक्टूबर2026

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हरलीन देओल ने,रायपुर स्थित खेल एवं युवा कल्याण विभाग की आवासीय हॉकी अकादमी पहुंचकर युवा खिलाड़ियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों के साथ आत्मीय संवाद किया और अपने खेल जीवन के अनुभव साझा करते हुए उन्हें मेहनत,अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने का संदेश दिया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाली खिलाड़ी से सीधे बातचीत का अवसर मिलने पर, अकादमी के खिलाड़ियों में खासा उत्साह देखने को मिला।यह कार्यक्रम उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव की पहल और छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) के सहयोग से आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल करने वाली खिलाड़ी के अनुभवों से, परिचित कराना और उन्हें खेल के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना था।

🟠हरलीन देओल ने दिया सफलता का मंत्र, कहा अपने लक्ष्य पर रखें भरोसा

खिलाड़ियों से बातचीत के दौरान हरलीन देओल ने कहा, कि उन्हें अकादमी में उपलब्ध खेल सुविधाओं,नियमित प्रशिक्षण और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन का पूरा लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने बच्चों को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, नियमित अभ्यास करने और अनुशासन के साथ अपनी खेल क्षमता को निखारने की सलाह दी।हरलीन ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा, “आप मेहनत कीजिए, अपने लक्ष्य के लिए पूरी लगन से प्रयास कीजिए। भगवान भी आपकी मदद करेंगे। अपने ऊपर विश्वास रखिए और देश के लिए खेलने का सपना जरूर देखिए।”उनके इस संदेश ने खिलाड़ियों को अपने सपनों के प्रति गंभीर रहने और उन्हें पूरा करने के लिए लगातार प्रयास करने की प्रेरणा दी। उन्होंने समझाया,कि सफलता के लिए केवल प्रतिभा होना पर्याप्त नहीं हैं। प्रतिभा को निखारने के लिए धैर्य, अनुशासन, कठिन परिश्रम और निरंतर अभ्यास भी जरूरी हैं।उन्होंने खिलाड़ियों को अपनी कमजोरियों को पहचानने, उन पर काम करने और हर दिन अपने प्रदर्शन में सुधार करने के लिए प्रोत्साहित किया। खेल के दौरान आने वाली असफलताओं को निराशा का कारण बनाने के बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ने की भावना विकसित करने पर भी जोर दिया।🟠क्रिकेट और हॉकी अलग, लेकिन सफलता के सूत्र एक जैसे

हरलीन देओल क्रिकेट की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हैं,जबकि रायपुर की आवासीय अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे बच्चे हॉकी में अपना भविष्य बनाने की तैयारी कर रहे हैं। दोनों खेलों की तकनीक और खेलने का तरीका अलग हैं, लेकिन सफलता के लिए जरूरी कई गुण समान हैं।खिलाड़ियों के लिए यह संवाद इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि उन्हें दूसरे खेल की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी से यह जानने का अवसर मिला कि उच्च स्तर पर पहुंचने के लिए किस तरह की तैयारी,मानसिक मजबूती और निरंतरता की जरूरत होती हैं।फिटनेस, टीम भावना, अनुशासन, दबाव की स्थिति में सही निर्णय लेने की क्षमता और आत्मविश्वास किसी भी खिलाड़ी के विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। हरलीन के अनुभवों से हॉकी खिलाड़ियों को इन गुणों को अपने खेल और दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने की प्रेरणा मिली।एक सफल खिलाड़ी का सफर केवल मैदान पर किए गए प्रदर्शन तक सीमित नहीं होता। इसके पीछे लंबे समय तक किया गया अभ्यास, कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखना और लगातार खुद को बेहतर बनाने की कोशिश शामिल होती हैं। हरलीन ने अपने अनुभवों के माध्यम से बच्चों को इसी दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

🟠 जनजातीय क्षेत्रों से आए खिलाड़ियों को भी मिला प्रोत्साहन

रायपुर की आवासीय हॉकी अकादमी में छत्तीसगढ़ के दूर-दराज के जनजातीय क्षेत्रों से आए प्रतिभाशाली बच्चे भी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। ये खिलाड़ी अपने परिवारों से दूर रहकर खेल की बारीकियां सीख रहे हैं और भविष्य में राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना देख रहे हैं।ऐसे खिलाड़ियों के लिए अनुभवी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी से मुलाकात करना सीखने का एक विशेष अवसर हैं। हरलीन देओल के साथ संवाद ने उन्हें यह समझने में मदद की,कि बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत,सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास बनाए रखना जरूरी हैं।खेल अकादमी में नियमित प्रशिक्षण और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन के साथ ऐसे प्रेरक कार्यक्रम खिलाड़ियों के समग्र विकास में योगदान दे सकते हैं। इससे बच्चों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और कठिनाइयों के बावजूद प्रयास जारी रखने का प्रोत्साहन मिलता हैं।🟠खिलाड़ियों के साथ खिंचवाई तस्वीरें, साझा किए अनुभव

कार्यक्रम के दौरान हरलीन देओल ने अकादमी के खिलाड़ियों के साथ समय बिताया और उनसे व्यक्तिगत रूप से बातचीत की। खिलाड़ियों ने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं और उनके खेल जीवन से जुड़े अनुभवों को करीब से जानने का अवसर प्राप्त किया।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाली खिलाड़ी के साथ बिताए ये पल बच्चों के लिए यादगार रहे। ऐसे संवाद युवा खिलाड़ियों को अपने खेल के प्रति अधिक गंभीर होने और भविष्य में बड़े मंच पर पहुंचने के लिए प्रेरित करते हैं।

🟠खेल अधिकारी और प्रशिक्षक रहे उपस्थित

इस अवसर पर खेल अधिकारी शिवराज साहू, हॉकी प्रशिक्षक रश्मि तिर्की, सॉफ्टबॉल प्रशिक्षक टी.एन. रेड्डी सहित खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अन्य अधिकारी और प्रशिक्षक उपस्थित रहे।उन्होंने भी खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास करने, अकादमी में उपलब्ध सुविधाओं का पूरा लाभ उठाने और अपने प्रदर्शन में निरंतर सुधार करने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही खिलाड़ियों को प्रदेश और देश का नाम रोशन करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।🟠युवा खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की पहल

उप मुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव की पहल और छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के सहयोग से आयोजित यह कार्यक्रम युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करने तथा खेलों के बीच अनुभव साझा करने की दिशा में एक पहल हैं।आवासीय अकादमियों में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और खेल सुविधाओं के साथ अनुभवी खिलाड़ियों से सीखने के अवसर मिलना उनके आत्मविश्वास को मजबूत कर सकता हैं। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवा खिलाड़ियों को बड़े सपने देखने, लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें पूरा करने के लिए लगातार मेहनत करने की प्रेरणा मिलती हैं।हरलीन देओल का खिलाड़ियों को दिया गया संदेश स्पष्ट रहा, अपने लक्ष्य पर भरोसा रखें, अनुशासन के साथ मेहनत करें और देश के लिए खेलने का सपना कभी न छोड़ें।

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