संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,13अक्टूबर2026
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने रायपुर में अपना 42वां स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया। WRS कॉलोनी स्थित इंस्टीट्यूट ग्राउंड में हुए इस कार्यक्रम में परेड,सम्मान समारोह और आधुनिक सुरक्षा उपकरणों की प्रदर्शनी के जरिए बल की कार्यक्षमता और तैयारियों को प्रदर्शित किया गया। समारोह में महिला जवानों, कमांडो दस्ते और श्वान दस्ते की भागीदारी के साथ सुरक्षा व्यवस्था में तकनीक की बढ़ती भूमिका भी देखने को मिली।कार्यक्रम में RPF की महानिदेशक सोनाली मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। सांसद बृजमोहन अग्रवाल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश, मंडल रेल प्रबंधक दयानंद, छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक और RPF के महानिरीक्षक मुनव्वर खुर्शीद सहित रेलवे, पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
🟠परेड में महिला जवानों और कमांडो दस्ते ने दिखाया कौशल
समारोह के दौरान आयोजित परेड में RPF की महिला टुकड़ी, CORAS कमांडो, श्वान दस्ता और सेगवे टुकड़ी ने हिस्सा लिया। जवानों ने अनुशासन, समन्वय और प्रशिक्षण के जरिए अपनी तैयारियों का प्रदर्शन किया।महिला जवानों की भागीदारी कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रही। वहीं, CORAS कमांडो दस्ते ने विशेष सुरक्षा परिस्थितियों से निपटने की तैयारी प्रदर्शित की। श्वान दस्ते और सेगवे टुकड़ी की प्रस्तुति ने भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
🟠बेहतर सेवाओं के लिए जवानों को किया गया सम्मानित
स्थापना दिवस समारोह में उत्कृष्ट सेवाओं और सराहनीय कार्यों के लिए RPF के अधिकारियों एवं जवानों को पदक प्रदान किए गए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, समारोह में तीन राष्ट्रपति पुलिस पदक, सराहनीय सेवा के लिए 30 पुलिस पदक और वर्ष 2024 में एक रेल यात्री की जान बचाने के लिए एक जीवन रक्षा पदक प्रदान किया गया।ये सम्मान कर्तव्य के प्रति समर्पण, बेहतर सेवा और संकट के समय लोगों की मदद करने वाले कर्मियों के योगदान को मान्यता देते हैं। रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सतर्कता और समय पर कार्रवाई की महत्वपूर्ण भूमिका होती हैं।
🟠ड्रोन, रोबोट और डिजिटल सिस्टम बने प्रदर्शनी का आकर्षण
समारोह के साथ आयोजित तकनीकी प्रदर्शनी में रेलवे सुरक्षा के लिए इस्तेमाल की जाने वाली आधुनिक तकनीकों को प्रदर्शित किया गया। इसमें निगरानी के लिए ड्रोन, ह्यूमनॉइड रोबोट ‘अर्जुन’ और अपराध संबंधी मामलों के विश्लेषण में मदद करने वाले डिजिटल सिस्टम शामिल रहे।प्रदर्शनी में RPF e-Crime Analysis Module (ReCAM), e-Forecasting Register of RPF (EFRR) और राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) से जुड़े डिजिटल टूल भी प्रस्तुत किए गए। इसके अलावा क्रिमिनल प्रोसीजर आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (CrPIS) और नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (NAFIS) की जानकारी भी दी गई।इन तकनीकों का उद्देश्य अपराधों से जुड़ी जानकारी के विश्लेषण, पहचान और निगरानी प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता करना है। आधुनिक उपकरणों के इस्तेमाल से रेलवे परिसरों की सुरक्षा और जांच संबंधी कार्यों में मदद मिल सकती हैं।
🟠1985 में मिला था RPF को संघ के सशस्त्र बल का दर्जा
रेलवे सुरक्षा बल को 20 सितंबर 1985 को संघ के सशस्त्र बल का दर्जा दिया गया था। रेलवे सुरक्षा बल अधिनियम, 1957 के तहत इसे कानूनी पहचान मिली। समय के साथ इसकी जिम्मेदारियों का विस्तार हुआ और रेल संपत्ति की सुरक्षा के साथ यात्रियों तथा रेलवे परिसर की सुरक्षा भी इसके कार्यों में शामिल हुई।वर्तमान में RPF रेल यात्रियों की सुरक्षा, रेलवे संपत्ति की रक्षा, अपराधों की रोकथाम और जरूरतमंद यात्रियों की सहायता जैसे कार्य करता हैं। बदलती सुरक्षा चुनौतियों के बीच प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीक का उपयोग भी इसकी कार्यप्रणाली का अहम हिस्सा बन गया हैं।
🟠यात्रियों की सुरक्षा और तकनीकी आधुनिकीकरण पर जोर
समारोह में RPF की महानिदेशक सोनाली मिश्रा ने, यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने आधुनिक तकनीक के उपयोग, कार्यप्रणाली में सुधार और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय की आवश्यकता बताई।रायपुर में आयोजित इस समारोह के जरिए RPF की परेड, सेवा के लिए सम्मान और तकनीकी प्रदर्शनी को एक मंच पर प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम ने रेल यात्रियों की सुरक्षा, रेलवे संपत्ति की रक्षा और सुरक्षित रेल यात्रा सुनिश्चित करने के प्रति बल की जिम्मेदारी को रेखांकित किया।












