अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,13अक्टूबर2026
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में जनगणना-2027 के, द्वितीय चरण की तैयारियों को गति देने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों का चार दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा हैं। जिला पंचायत सभाकक्ष में 12 से 15 अक्टूबर तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनगणना से जुड़े अधिकारियों,चार्ज अधिकारियों, जनगणना लिपिकों और तकनीकी सहायकों को आवश्यक दिशा-निर्देशों की जानकारी दी जा रही हैं। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी की उपस्थिति में प्रशिक्षण का पहला सत्र संपन्न हुआ।भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत जनगणना कार्य निदेशालय,छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य आगामी जनसंख्या गणना के मैदानी कार्यों के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को तैयार करना हैं। प्रशिक्षण में जनगणना से संबंधित मानकों, प्रक्रियाओं, संकल्पनाओं और आंकड़ों के सटीक संकलन पर विशेष जोर दिया जा रहा हैं।
🟠दो चरणों में अधिकारियों-कर्मचारियों को दिया जा रहा प्रशिक्षण
जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के तहत जिले में प्रशिक्षण कार्यक्रम को दो हिस्सों में बांटा गया हैं,ताकि अलग-अलग जनगणना चार्ज से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को व्यवस्थित तरीके से प्रशिक्षण दिया जा सके।12 और 13 अक्टूबर को सामरी, कुसमी, चांदो, शंकरगढ़ और राजपुर जनगणना चार्ज के अनुविभागीय जनगणना अधिकारियों,चार्ज अधिकारियों,तकनीकी सहायकों तथा जनगणना लिपिकों को प्रशिक्षण दिया गया।वहीं, 14 और 15 अक्टूबर को डौरा-कोचली, बलरामपुर, रामचन्द्रपुर, रामानुजगंज, चलगली, वाड्रफनगर और रघुनाथनगर जनगणना चार्ज से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।इस व्यवस्था का उद्देश्य जिले के सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों तक आवश्यक जानकारी पहुंचाना हैं,जिससे आगामी चरणों में मैदानी स्तर पर जनगणना का काम निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जा सके।
🟠कलेक्टर ने सटीक आंकड़ों के महत्व पर दिया जोर
प्रशिक्षण के दौरान कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने जनसंख्या गणना से संबंधित मानकों,दिशा-निर्देशों और डेटा संकलन की शुद्धता पर विशेष ध्यान देने की बात कही।उन्होंने बताया,कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े राष्ट्रीय नीति निर्माण और विकास योजनाओं की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में आंकड़ों का सही संकलन, निर्धारित समय-सारणी का पालन और त्रुटिरहित डेटा संग्रह बेहद जरूरी हैं।जनगणना के दौरान जुटाए गए आंकड़ों की गुणवत्ता पूरी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को प्रभावित करती हैं। इसलिए अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रत्येक निर्धारित प्रक्रिया को सही ढंग से समझना और उसका पालन करना आवश्यक हैं।
🟠मास्टर ट्रेनर्स के जरिए आगे बढ़ेगी प्रशिक्षण प्रक्रिया
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला स्तर पर नियुक्त मास्टर ट्रेनर्स अधिकारियों और कर्मचारियों को जनगणना से जुड़ी तकनीकी और प्रक्रियात्मक जानकारी दे रहे हैं। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये अधिकारी आगामी चरणों में मैदानी स्तर पर काम करने वाले अधिकारियों और प्रगणकों को प्रशिक्षित करेंगे।इससे जनगणना कार्य में एकरूपता बनाए रखने, दिशा-निर्देशों को सही तरीके से लागू करने और डेटा संकलन में संभावित त्रुटियों को कम करने में मदद मिलेगी।प्रशिक्षण के दौरान जनगणना कार्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझाया जा रहा हैं,ताकि मैदानी स्तर पर जिम्मेदारी संभालने वाले कर्मचारियों को कार्य के दौरान प्रक्रिया संबंधी कठिनाइयों का सामना कम करना पड़े।
🟠जनवरी-फरवरी 2027 के मैदानी कार्यों की तैयारी
जिले में यह प्रशिक्षण आगामी जनसंख्या गणना के फील्ड वर्क की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, जनवरी-फरवरी 2027 में होने वाले जनसंख्या गणना संबंधी मैदानी कार्यों को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा हैं।समय रहते प्रशिक्षण पूरा होने से संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों, निर्धारित प्रक्रियाओं और कार्ययोजना को समझने का अवसर मिलेगा। इसके बाद प्रशिक्षित अधिकारी मैदानी स्तर पर कार्यरत टीमों को आवश्यक जानकारी देंगे।जनगणना जैसे व्यापक प्रशासनिक कार्य में समय प्रबंधन, विभागीय समन्वय और आंकड़ों की सटीकता की महत्वपूर्ण भूमिका होती हैं। ऐसे में जिला स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम को आगामी तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा हैं।
🟠प्रशिक्षण में ये अधिकारी रहे मौजूद
जनगणना-2027 के इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन राज्य स्तर के नोडल अधिकारी शिवम दास और मोहित तिवारी द्वारा किया गया।इस अवसर पर अपर कलेक्टर अभिषेक कुमार गुप्ता,जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी संतोष श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।जिले में चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियों को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया जा रहा हैं। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुरूप मैदानी स्तर पर जनगणना कार्य की तैयारी सुनिश्चित करें।












