ब्लैकबोर्ड पर ‘मैंगिफेरा इंडिका’ लिखकर कलेक्टर ने बच्चों से पूछा सवाल,ग्लोब से समझाया भूगोल, टॉपर बनने के दिए मंत्र

अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,13अक्टूबर2026

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में शासकीय स्कूलों में, शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों की पढ़ाई की प्रगति जानने के लिए कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महाराजगंज का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर केवल निरीक्षण करती ही नहीं दिखीं,बल्कि शिक्षिका की भूमिका निभाते हुए विद्यार्थियों से सवाल-जवाब भी किए। कहीं ब्लैकबोर्ड पर आम का वानस्पतिक नाम लिखकर बच्चों का ज्ञान परखा, तो कहीं ग्लोब के जरिए देशों की भौगोलिक स्थिति समझाई।कलेक्टर के इस अंदाज ने कक्षा में पढ़ाई को संवादपूर्ण और रोचक बना दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित मेहनत, अभ्यास और समय प्रबंधन का महत्व समझाते हुए अच्छे अंक हासिल करने और भविष्य में डॉक्टर, इंजीनियर तथा आईएएस अधिकारी बनने के लिए प्रेरित किया।

🟠‘मैंगिफेरा इंडिका’ लिखकर कलेक्टर ने परखा विद्यार्थियों का ज्ञान

औचक निरीक्षण के दौरान कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं वाणिज्य, 11वीं कला तथा 11वीं जीवविज्ञान की कक्षाओं में पहुंचीं। उन्होंने विद्यार्थियों से पाठ्यक्रम से जुड़े सवाल पूछे और उनकी पढ़ाई की प्रगति की जानकारी ली।कक्षा 11वीं जीवविज्ञान में कलेक्टर ने हाथ में चॉक लेकर ब्लैकबोर्ड पर ‘मैंगिफेरा इंडिका’ लिखा और विद्यार्थियों से पूछा,कि यह किस फल का वानस्पतिक नाम हैं। सवाल सुनते ही विद्यार्थियों ने जवाब दिया कि यह फलों के राजा आम का वैज्ञानिक नाम हैं।विद्यार्थियों के सही जवाब पर कलेक्टर ने प्रसन्नता जताई। इस दौरान उन्होंने बच्चों को समझाया,कि पढ़ाई में सफलता पाने के लिए नियमित मेहनत और विषयों की बुनियादी समझ बेहद जरूरी हैं। केवल परीक्षा के समय पढ़ाई करने के बजाय रोजाना अभ्यास करने से विषयों को बेहतर तरीके से समझा जा सकता हैं।🟠ग्लोब से समझाया देशों का भूगोल,पढ़ाई को बनाया रोचक

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर कक्षा 11वीं कला में भी पहुंचीं। यहां उन्होंने ग्लोब मंगवाकर विद्यार्थियों को विभिन्न देशों की भौगोलिक स्थिति का व्यावहारिक प्रदर्शन कराया।ग्लोब के माध्यम से बच्चों को देशों की स्थिति समझने का अवसर मिला। इस तरह की गतिविधियों से, विद्यार्थियों को किताबी जानकारी के साथ विषयों को देखकर और समझकर सीखने में मदद मिलती हैं।कलेक्टर ने शिक्षकों को भी प्रेरित किया कि वे पढ़ाने के दौरान ऐसी विधियों का उपयोग करें, जिनसे विद्यार्थियों की रुचि बनी रहे और कठिन विषयों को भी आसानी से समझाया जा सके।

🟠कलेक्टर ने कहा टॉपर बनें, डॉक्टर-इंजीनियर और IAS बनकर दिखाएं

विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए,कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा,कि बच्चे मन लगाकर पढ़ाई करें,अच्छे अंक हासिल करें और आगे चलकर डॉक्टर, इंजीनियर तथा आईएएस अधिकारी बनकर अपने परिवार, गांव और जिले का नाम रोशन करें।उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अभ्यास, पैटर्न आधारित तैयारी और समय प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। परीक्षा की तैयारी के दौरान प्रत्येक विषय को पर्याप्त समय देना और पढ़ाए गए पाठों का बार-बार अभ्यास करना उपयोगी होता हैं।कलेक्टर के संदेश का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें अपनी क्षमता के अनुसार बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।🟠बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए दिए महत्वपूर्ण निर्देश

विद्यालय में शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर ने प्राचार्य को कक्षाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा,कि विद्यार्थियों को गृहकार्य देने के साथ प्रतिदिन कक्षा में ही अभ्यास कार्य भी कराया जाए,ताकि उनकी समझ और तैयारी का लगातार आकलन किया जा सके।उन्होंने पढ़ाए जा चुके पाठ्यक्रम का नियमित पुनरावलोकन कराने पर जोर दिया। इससे विद्यार्थियों को पुराने पाठ याद रखने और परीक्षा के समय प्रश्नों को हल करने में आसानी हो सकती हैं।बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को पुराने प्रश्नपत्र हल कराने के निर्देश भी दिए गए। इससे उन्हें परीक्षा के स्वरूप, प्रश्नों के प्रकार और निर्धारित समय में उत्तर लिखने का अभ्यास मिलेगा।कलेक्टर ने शिक्षकों से कहा,कि विद्यार्थियों की कमजोरियों को समय रहते पहचानकर उन्हें अतिरिक्त अभ्यास और मार्गदर्शन दिया जाए, ताकि परीक्षा से पहले उनकी तैयारी बेहतर हो सके।

🟠विज्ञान के विद्यार्थियों को नियमित प्रायोगिक कार्य कराने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों की पढ़ाई को लेकर भी विशेष निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित शिक्षकों को नियमित रूप से प्रायोगिक कार्य कराने को कहा।विज्ञान विषयों में प्रयोगों के माध्यम से सीखना महत्वपूर्ण होता हैं। इससे विद्यार्थियों को किताबों में पढ़े गए सिद्धांतों को व्यवहार में समझने का अवसर मिलता हैं। नियमित प्रायोगिक अभ्यास से उनकी विषय संबंधी समझ मजबूत करने में मदद मिल सकती हैं।कलेक्टर ने शिक्षकों को प्रभावी शिक्षण विधियां अपनाने और विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान करने पर भी जोर दिया।🟠बेहतर परिणाम के लिए शिक्षक और विद्यार्थी दोनों की भूमिका अहम

कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा,कि अच्छे परीक्षा परिणाम के लिए शिक्षकों का समर्पण और विद्यार्थियों की मेहनत दोनों जरूरी हैं। शिक्षकों को नियमित रूप से पढ़ाई की प्रगति पर नजर रखनी चाहिए,वहीं विद्यार्थियों को अनुशासन के साथ रोजाना अभ्यास करना चाहिए।महाराजगंज स्कूल में हुए इस औचक निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया और पढ़ाई के स्तर को समझने का प्रयास किया। उनके निर्देशों का उद्देश्य विद्यालय में नियमित अध्ययन, अभ्यास, पाठ्यक्रम के पुनरावलोकन और बोर्ड परीक्षा की बेहतर तैयारी को बढ़ावा देना हैं।अब विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों की जिम्मेदारी होगी कि इन निर्देशों को नियमित शैक्षणिक गतिविधियों में प्रभावी रूप से लागू करें, ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिल सके।

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