संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,15अक्टूबर2026
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के छात्र कृष्ण अग्रवाल ने, अपनी वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार से राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का गौरव बढ़ाया हैं। जिंदल पब्लिक स्कूल के छात्र कृष्ण को नई दिल्ली में आयोजित 12वीं, राष्ट्रीय स्तरीय प्रदर्शनी एवं परियोजना प्रतियोगिता (NLEPC-2026) में तीसरा पुरस्कार प्रदान किया गया। उन्होंने बच्चों को गर्म इलेक्ट्रिक प्रेस से होने वाली दुर्घटनाओं से बचाने के उद्देश्य से एक विशेष मॉडल विकसित किया हैं। उनके इस प्रोजेक्ट ने राष्ट्रीय मंच पर पहचान बनाई और विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की युवा प्रतिभा को सामने लाया।कृष्ण अग्रवाल को यह सम्मान उनके प्रोजेक्ट ‘Flip Electric Iron For Child Safety’ के लिए मिला। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने उन्हें सम्मानित किया। छात्र की इस उपलब्धि पर प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने बधाई देते हुए कहा, कि छत्तीसगढ़ के विद्यार्थी विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहे हैं।
🟠घरेलू दुर्घटनाओं से बच्चों को बचाने की अनूठी पहल
घर में कपड़े प्रेस करते समय कई बार गर्म इलेक्ट्रिक प्रेस को असुरक्षित स्थिति में छोड़ दिया जाता हैं। ऐसे में छोटे बच्चों के अनजाने में उसके संपर्क में आने से जलने की दुर्घटना हो सकती हैं। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए, कृष्ण अग्रवाल ने ऐसा मॉडल तैयार किया,जिसका उद्देश्य प्रेस के गर्म हिस्से से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करना हैं।उनके मॉडल में ऑटो-फ्लिप तकनीक का उपयोग किया गया हैं। इसके अनुसार प्रेस को छोड़ने पर उसका गर्म हिस्सा ऊपर की ओर हो जाता हैं,जिससे गर्म सतह के सीधे संपर्क में आने का जोखिम कम करने का प्रयास किया गया हैं। इसके साथ ही मॉडल में 30 सेकंड बाद स्वचालित रूप से बंद होने की सुविधा और चाइल्ड लॉक जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएं भी शामिल की गई हैं।इस नवाचार की खास बात यह है कि यह रोजमर्रा की घरेलू समस्या को ध्यान में रखकर विकसित किया गया हैं। कम लागत में तैयार किए गए इस मॉडल का उद्देश्य तकनीक के माध्यम से सुरक्षा को बेहतर बनाना हैं। इसकी वास्तविक प्रभावशीलता और सुरक्षा का निर्धारण तकनीकी परीक्षण तथा संबंधित मानकों के आधार पर किया जाना आवश्यक होगा।
🟠80 हजार नवाचार विचारों में शीर्ष 62 में बनाई जगह
कृष्ण अग्रवाल की उपलब्धि का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी हैं,कि छत्तीसगढ़ से प्रस्तुत लगभग 80 हजार नवाचार विचारों में उनके प्रोजेक्ट को शीर्ष 62 नवाचारों में स्थान मिला। इसके अलावा उनके मॉडल को ‘इंस्पायर मानक-2026’ के संकलन में भी जगह मिली हैं।राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को, अपने वैज्ञानिक विचारों को मॉडल और परियोजनाओं के रूप में प्रस्तुत करने का अवसर देती हैं। इन मंचों के माध्यम से बच्चों की जिज्ञासा,रचनात्मकता और समस्याओं के समाधान खोजने की क्षमता को प्रोत्साहन मिलता हैं।कृष्ण का प्रोजेक्ट घरेलू सुरक्षा से जुड़ी समस्या पर केंद्रित हैं। यह दिखाता हैं,कि विद्यार्थी अपने आसपास की परिस्थितियों का अवलोकन करके ऐसे विचार विकसित कर सकते हैं, जिनका उद्देश्य आम लोगों के जीवन को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना हो।
🟠शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने दी बधाई
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कृष्ण अग्रवाल को राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस सफलता के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा,कि यह उपलब्धि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और गौरव का विषय ह्।मंत्री ने कहा कि प्रदेश के विद्यार्थियों में प्रतिभा, रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच की अपार संभावनाएं हैं। कृष्ण अग्रवाल ने अपने उपयोगी नवाचार के माध्यम से यह साबित किया हैं, कि छत्तीसगढ़ के विद्यार्थी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।उन्होंने कृष्ण के अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यालय परिवार को भी इस सफलता के लिए बधाई दी तथा छात्र के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने विश्वास जताया कि कृष्ण की उपलब्धि प्रदेश के अन्य विद्यार्थियों को भी विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
🟠मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नवाचार को प्रोत्साहन
शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा,कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार और रचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जा रहा हैं।उन्होंने कहा,कि विद्यार्थियों के ऐसे प्रयास समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। विज्ञान और तकनीक के प्रति रुचि बढ़ने से बच्चों को नई संभावनाओं को समझने,प्रयोग करने और अपने विचारों को व्यावहारिक रूप देने का अवसर मिलता हैं।नवाचार केवल नई तकनीक विकसित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य लोगों की जरूरतों को समझकर उपयोगी समाधान तलाशना भी हैं। कृष्ण अग्रवाल का प्रोजेक्ट इसी सोच का उदाहरण है।
🟠युवा वैज्ञानिक प्रतिभाओं के लिए बनी प्रेरणा
रायगढ़ के छात्र कृष्ण अग्रवाल की सफलता प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक हैं। उन्होंने घरेलू सुरक्षा से जुड़ी समस्या को पहचाना और उसके समाधान के लिए एक मॉडल विकसित किया। राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा पुरस्कार मिलने से उनके प्रयासों को पहचान मिली हैं।कृष्ण की उपलब्धि यह संदेश देती हैं,कि विद्यार्थियों के विचारों को उचित मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो वे समाज से जुड़ी समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उनकी सफलता से छत्तीसगढ़ के अन्य विद्यार्थियों को भी विज्ञान, तकनीक और अनुसंधान के क्षेत्र में नए प्रयोग करने की प्रेरणा मिलने की उम्मीद हैं।राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह उपलब्धि रायगढ़ के साथ पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय हैं। कृष्ण अग्रवाल का नवाचार बच्चों की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर ध्यान आकर्षित करता हैं,और युवा पीढ़ी की रचनात्मक क्षमता को सामने लाता हैं।












