पायल खेमका,रायपुर,07अगस्त2025 | विशेष रिपोर्ट — Nexis News
“धागा है पतला-सा, पर बंधन है जीवनभर का।
राखी सिर्फ रिवाज नहीं, रिश्तों की रूह है।”
🟠इस बार कब है रक्षाबंधन?
तिथि: शनिवार, 09 अगस्त 2025
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त:
प्रारंभ: प्रातः 5:47 बजे
समाप्ति: दोपहर 1:24 बजे
भद्रा 8 अगस्त को दोपहर 2:12 बजे शुरू होगी और 9 अगस्त को रात 1:52 बजे समाप्त होगी। (इस दौरान राखी बांधना वर्जित माना गया है)
सौभाग्य योग: रक्षाबंधन के दिन से शुरू होकर 10 अगस्त को सुबह 2:15 बजे तक रहेगा।
🟠रक्षाबंधन: भावों की डोर से बंधा पर्व
रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति का एक ऐसा पर्व है जो सिर्फ धागा बांधने तक सीमित नहीं, बल्कि उसमें छिपी होती है एक बहन की चिंता, दुआ, अपनापन और उम्मीद। और भाई उस धागे को बांधकर जीवनभर सुरक्षा, सम्मान और सहयोग का वादा करता है।
यह पर्व सिर्फ भाई-बहन के रिश्ते को नहीं, बल्कि सभी आत्मीय रिश्तों को जोड़ता है – चाहे वे खून से जुड़े हों या भावनाओं से।
🟠पौराणिक संदर्भ: राखी के पीछे की कथाएं
1. श्रीकृष्ण और द्रौपदी:
जब द्रौपदी ने श्रीकृष्ण की उंगली से खून बहते देखा, तो अपनी साड़ी का किनारा फाड़कर उनकी ऊँगली में बांध दिया। श्रीकृष्ण ने वचन दिया – “जहां भी, जब भी ज़रूरत पड़े, मैं रक्षा करूंगा।”
यह घटना रक्षाबंधन के भाव को सार्थक करती है।
2. राजा बलि और माता लक्ष्मी:
जब भगवान विष्णु राजा बलि की भक्ति से प्रसन्न होकर उसके राज्य में वामन रूप में रहने लगे, तब माता लक्ष्मी ने रक्षा-सूत्र बांधकर राजा बलि से विष्णु को वापस लाने की युक्ति बनाई।
इन कथाओं से स्पष्ट होता है कि राखी सिर्फ भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित नहीं, बल्कि यह रक्षा, समर्पण और धर्म का प्रतीक है।
🟠आधुनिक संदर्भ: बदलते समय की नई राखियां
आज रक्षाबंधन सिर्फ रस्म नहीं रहा, यह जागरूकता और सामाजिक चेतना का वाहक बन चुका है।
🟠कुछ सकारात्मक पहलें:
🔸इको-फ्रेंडली राखियां: मिट्टी, बीज, जूट और हाथ से बनी राखियों को बढ़ावा।
🔸बहनों की ओर से भी उपहार: रिश्ते की बराबरी का संदेश।
🔸सैनिकों और पुलिसकर्मियों को राखियां भेजना: देश के रक्षकों को सम्मान।
🟠सोशल संदेश:
🔸”बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ”
🔸”बहनों को भी बराबरी का अवसर”
🟠रक्षाबंधन 2025: क्या लें संकल्प?
इस राखी पर सिर्फ मिठाई और गिफ्ट का आदान-प्रदान न हो,बल्कि हम लें ये संकल्प:
🔸बहनों की शिक्षा और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता दें
🔸सभी रिश्तों में सम्मान और संवाद बनाए रखें
🔸पर्यावरण-संवेदनशील विकल्प अपनाएं
🔸भाई-बहन दोनों एक-दूसरे की स्वतंत्रता और निर्णय का सम्मान करें
🟠समापन संदेश:
रक्षाबंधन 2025 में एक नई सोच, नया भाव और नई प्रेरणा हो।
यह पर्व हमें सिर्फ जोड़ता नहीं – संवेदनशील बनाता है, जिम्मेदार बनाता है।
तो इस बार राखी के साथ एक नया वादा करें –
सिर्फ रक्षा का नहीं, बराबरी, सम्मान और साथ का।
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