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छत्तीसगढ़ में तकनीकी क्रांति की ओर बड़ा कदम: नवा रायपुर में बनेगा कॉमन फैसिलिटी सेंटर

संदिली सिंह,रायपुर,7अगस्त2025/विशेष रिपोर्ट-Nexis News

छत्तीसगढ़ अब टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में,देश के अग्रणी राज्यों की सूची में शामिल होने की ओर बढ़ रहा हैं।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य को, एक और बड़ी उपलब्धि हाथ लगी हैं। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने नवा रायपुर में कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) की स्थापना को हरी झंडी दे दी हैं। इस फैसले से प्रदेश को अब इलेक्ट्रॉनिक्स टेस्टिंग और प्रोटोटाइपिंग के लिए,दूसरे शहरों जैसे बेंगलुरु, नोएडा या पुणे पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

यह परियोजना न सिर्फ तकनीकी आधारभूत संरचना को मज़बूत करेगी, बल्कि राज्य के युवाओं, स्टार्टअप्स और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री को भी नए अवसर प्रदान करेगी। विशेषज्ञ मानते हैं, कि यह सेंटर छत्तीसगढ़ को “इलेक्ट्रॉनिक्स हब” बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

🟠परियोजना की प्रमुख विशेषताएं: तकनीक और नवाचार का संगम

नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-22 में 3.23 एकड़ भूमि पर,बनने वाले इस फैसिलिटी सेंटर की कुल लागत ₹108.43 करोड़ आंकी गई हैं।इसमें से ₹75 करोड़ की राशि केंद्र सरकार द्वारा EMC 2.0 योजना के तहत मंजूर की गई हैं,जबकि शेष ₹33.43 करोड़ का व्यय राज्य सरकार वहन करेगी।भूमि की उपलब्धता और विकास कार्य की जिम्मेदारी,नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRANVP) निभाएगा।

🟠इस अत्याधुनिक फैसिलिटी सेंटर में निम्न सुविधाएं उपलब्ध होंगी:🔸️प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) प्रोटोटाइपिंग

🔸️3D प्रिंटिंग लैब

🔸️EMC (Electromagnetic Compatibility) टेस्टिंग

🔸️वुड वर्कशॉप और स्पेशलाइज़्ड टेस्टिंग लैब्स

🔸️सेमीकंडक्टर, EV कंपोनेंट्स, माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स, LED लाइट, सोलर कंट्रोलर और SCADA पैनल जैसे उत्पादों के लिए विशेष सपोर्ट

यह सेंटर इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र से जुड़े छोटे और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को लागत-प्रभावी और विश्वसनीय टेस्टिंग व निर्माण सहायता प्रदान करेगा। इसका उद्देश्य तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहन देना और प्रोडक्ट डेवलेपमेंट की प्रक्रिया को तेज़ करना हैं।

🟠स्थानीय स्तर पर क्या होगा असर?

यह कॉमन फैसिलिटी सेंटर प्रदेश के,स्टार्टअप ईकोसिस्टम और तकनीकी प्रतिभाओं के लिए एक गेम चेंजर साबित हो सकता हैं।

🔸️एक LED निर्माता यूनिट अपने प्रोडक्ट की सुरक्षा और गुणवत्ता की जांच स्थानीय स्तर पर कर सकेगी।

🔸️सोलर टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स अपने चार्ज कंट्रोलर का डिज़ाइन प्रोडक्शन से पहले यहीं पर टेस्ट कर सकेंगे।

🔸️EV कंपनियां अपने इलेक्ट्रॉनिक मॉड्यूल्स की EMC टेस्टिंग यहीं करा सकेंगी।

🔸️3D प्रिंटिंग सुविधा नवाचार और कस्टम प्रोडक्ट डेवलेपमेंट में मददगार होगी।

इस तरह की सुविधाएं पहले केवल बेंगलुरु, पुणे, नोएडा जैसे बड़े शहरों में ही उपलब्ध थीं। अब यही तकनीकी संसाधन छत्तीसगढ़ के युवाओं को अपने ही राज्य में मिलने जा रहे हैं।

🟠उद्योगों और निवेशकों को मिलेगा विशेष लाभ:

छत्तीसगढ़ सरकार पहले से ही,इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने के लिए कई योजनाएं चला रही हैं।अब इस CFC की स्थापना से निवेशकों को और बल मिलेगा। यह परियोजना राज्य की नवीनतम उद्योग नीति के तहत, विशेष प्रोत्साहनों के तहत आएगी, जिससे स्थानीय और बाहरी दोनों प्रकार के निवेश को बढ़ावा मिलेगा।साथ ही, यह पहल राज्य की अर्थव्यवस्था को भी एक नया आयाम देगी—स्थानीय उत्पादन बढ़ेगा, तकनीकी रोजगार सृजित होंगे, और छत्तीसगढ़ की पहचान एक ‘मेक इन इंडिया’ केंद्र के रूप में उभरेगी।🟠नेतृत्व की दूरदृष्टि: टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में क्रांति का संकल्प:

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस परियोजना को “तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में ऐतिहासिक पहल” करार देते हुए कहा:

“यह न सिर्फ छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि राज्य को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का पावरहाउस बनाएगा।स्टार्टअप्स को विश्वस्तरीय सुविधाएं स्थानीय स्तर पर मिलेंगी और नवाचार को नई उड़ान मिलेगी।”

वहीं, आवास और पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने इस अवसर पर कहा:

“कॉमन फैसिलिटी सेंटर जैसी परियोजनाएं छत्तीसगढ़ के तकनीकी बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगी।युवाओं, स्टार्टअप्स और स्थानीय उद्यमियों को जो संसाधन पहले केवल मेट्रो शहरों में मिलते थे,वे अब उन्हें यहीं छत्तीसगढ़ में उपलब्ध होंगे।”

🟠भविष्य के छत्तीसगढ़ की नींव रखती यह पहल:

कॉमन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना छत्तीसगढ़ के लिए, सिर्फ एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि यह राज्य के तकनीकी भविष्य की नींव हैं।इसमें जहां टेक्नोलॉजी, नवाचार और उद्योग का संगम हैं,वहीं इसके केंद्र में युवा शक्ति और आत्मनिर्भर भारत का विज़न हैं।

इस तरह की परियोजनाएं यह साबित करती हैं, कि छत्तीसगढ़ अब सिर्फ एक खनिज या कृषि-प्रधान राज्य नहीं, बल्कि आने वाले समय में भारत के प्रमुख तकनीकी और औद्योगिक केंद्रों में से, एक बनने की दिशा में अग्रसर हैं।

 

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