संदिली सिंह,चंद्रपुर/छत्तीसगढ़,9सितंबर2025/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित,चंद्रपुर में किसानों के साथ हुए बड़े वित्तीय घोटाले का खुलासा हुआ हैं। तत्कालीन शाखा प्रबंधक उमाशंकर तिवारी पर आरोप हैं,कि उन्होंने किसानों से कर्ज वसूली के नाम पर ₹4,96,375 की रकम वसूली,रसीद भी काटी,लेकिन रकम को डीएमआर खाते में जमा नहीं किया।जांच रिपोर्ट में घोटाले की पुष्टि होने के बाद,बैंक प्रबंधन ने कड़ा कदम उठाते हुए,उमाशंकर तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया हैं। साथ ही,एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।
🟠सेवा नियमों का उल्लंघन
जांच अधिकारी की रिपोर्ट के मुताबिक,उमाशंकर तिवारी ने सहकारी बैंक कर्मचारियों की सेवा नियमावली1982 के कई प्रावधानों का उल्लंघन किया।
🔸️नियम 56(क)
🔸️नियम 01, 02, 07, 11 और 17
इन नियमों का उद्देश्य बैंकिंग सिस्टम की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना हैं,लेकिन उमाशंकर तिवारी की करतूत ने संस्था की छवि खराब कर दी।
🟠बैंक प्रबंधन का सख्त रुख
मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने आदेश जारी करते हुए कहा, कि निलंबन अवधि में उमाशंकर तिवारी को केवल जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। इस अवधि में उन्हें कोई अन्य लाभ नहीं मिलेगा।
नोडल अधिकारी अश्वनी कुमार पांडेय को एफआईआर दर्ज कराने की जिम्मेदारी दी गई हैं। अब सबकी नजर इस बात पर हैं,कि एफआईआर कब दर्ज होती हैं।












