संदिली सिंह,रायपुर,12सितंबर2025,विशेष रिपोर्ट-Nexis News
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति अब बस्तर अंचल के दूरस्थ इलाकों तक पहुँच रही है और इसके सुखद परिणाम सामने आने लगे हैं।
जगदलपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ इनवेस्टर कनेक्ट बस्तर कार्यक्रम के दौरान लगभग 1000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। इनमें स्थानीय युवा उद्यमियों के स्टार्टअप भी शामिल हैं, जो स्वरोजगार और औद्योगिक विकास को नए आयाम दे रहे हैं।
🟠महिला उद्यमी रागिनी जायसवाल का फिटनेस और न्यूट्रिशन स्टार्टअप
कोंडागांव की युवा उद्यमी रागिनी जायसवाल ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण योजना से लाभ लेकर स्थानीय वनोत्पाद और आर्गेनिक कृषि उत्पादों से फिटनेस और न्यूट्रिशन यूनिट की स्थापना की। यह यूनिट गर्भवती माताओं और बच्चों के लिए हेल्दी फूड उपलब्ध करा रही हैं।
🔸️9.53 लाख रुपये की सहायता, जिसमें 35% अनुदान शामिल
🔸️माताओं और बच्चों की पोषण संबंधी जरूरतों पर केंद्रित स्टार्टअप
🟠स्थानीय उत्पादों के जरिए आत्मनिर्भरता और रोजगार सृजन
रागिनी बताती हैं,कि परिवार और स्थानीय संसाधनों की जानकारी ने उन्हें स्टार्टअप की ओर प्रेरित किया और अब वह आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
🟠सोहैल रिजवी की 6 टन क्षमता वाली राइस मिल
दंतेवाड़ा जिले के गीदम के सोहैल रिजवी बीजापुर में 6 टन प्रति घंटा क्षमता वाली राइस मिल की स्थापना करने जा रहे हैं।
🔸️6 करोड़ रुपये की लागत से राइस मिल का निर्माण
🔸️90 लाख रुपये का सरकारी अनुदान
🔸️50-60 लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार की संभावना
🔸️सोहैल इससे पहले 3 करोड़ रुपये की लागत से फ्लाई ऐश ब्रिक्स का व्यवसाय भी शुरू कर चुके हैं। उनके ये प्रयास स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देंगे और औद्योगिक विकास के नए रास्ते खोलेंगे।
🟠सरकार की नीति का सकारात्मक असर
रागिनी जायसवाल और सोहैल रिजवी जैसे युवा उद्यमियों की पहल छत्तीसगढ़ सरकार की सुरक्षित, पारदर्शी और आकर्षक औद्योगिक नीति का परिणाम हैं, जो भविष्य में रोजगार और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी।












