संदिली सिंह,रायपुर/छत्तीसगढ़,6अक्टूबर2025,विशेष रिपोर्ट-Nexis News
खनिज संपदा से समृद्ध छत्तीसगढ़ ने हाल के वर्षों में खनन क्षेत्र में पारदर्शिता, नवाचार और जवाबदेही के माध्यम से उल्लेखनीय प्रगति की हैं। राज्य में लौह अयस्क, कोयला, चूना पत्थर, बाक्साइट, टिन और क्रिटिकल मिनरल्स की समृद्ध उपलब्धता ने इसे देश के अग्रणी खनन राज्यों में शामिल कर दिया हैं।छत्तीसगढ़ का खनन क्षेत्र राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में 10% और देश के कुल खनिज उत्पादन में 17% का योगदान देता हैं। पिछले 25 वर्षों में खनिज राजस्व 429 करोड़ से बढ़कर 14,592 करोड़ रुपये तक पहुँच गया।
अब तक 60 खनिज ब्लॉकों की सफल नीलामी की जा चुकी हैं,और 5 नए ब्लॉकों की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी हैं। आईआईटी मुंबई, आईएसएम धनबाद और कोल इंडिया लिमिटेड के साथ एमओयू से क्रिटिकल मिनरल्स का वैज्ञानिक अन्वेषण सुनिश्चित किया गया हैं।
खनिज ऑनलाइन 2.0 और डीएमएफ पोर्टल 2.0 ने प्रशासन को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया हैं। गौण खनिजों के लिए स्टार रेटिंग प्रणाली के तहत 3 खदानों को 5-स्टार और 32 को 4-स्टार रेटिंग दी गई।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा,कि खनिज केवल आर्थिक स्रोत नहीं, बल्कि राज्य के सर्वांगीण विकास का आधार हैं। छत्तीसगढ़ ने सतत, पारदर्शी और नवाचारी खनन के माध्यम से देश के लिए आदर्श मॉडल पेश किया गया हैं।












