संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़/8नवंबर2025/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा के अनुरूप राज्य सरकार ने अनुसूचित जनजाति वर्ग के बैगा, गुनिया और हड़जोड़ समुदाय के चिन्हित व्यक्तियों को प्रति वर्ष ₹5,000 की सम्मान सह-प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया हैं।इस योजना को “मुख्यमंत्री बैगा गुनिया हड़जोड़ सम्मान योजना (अनुसूचित जनजाति) वर्ष 2025” के नाम से लागू किया गया हैं। इस संबंध में 6 नवम्बर को आदिम जाति विकास विभाग द्वारा विस्तृत अधिसूचना जारी की गई हैं।
🟠जनजातीय ज्ञान और परंपरा को मिलेगी नई पहचान
छत्तीसगढ़ के जनजातीय बाहुल्य ग्रामीण इलाकों में परंपरागत वनौषधीय चिकित्सा में संलग्न बैगा, गुनिया और हड़जोड़ जन लंबे समय से लोकचिकित्सा की परंपरा को जीवित रखे हुए हैं।राज्य सरकार की इस योजना का उद्देश्य इन जनजातीय समुदायों की पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली को संरक्षित और प्रोत्साहित करना हैं,ताकि यह ज्ञान आने वाली पीढ़ियों तक हस्तांतरित हो सके।
🟠योजना की पात्रता और प्रक्रिया
अधिसूचना के अनुसार —
जो बैगा, गुनिया या हड़जोड़ व्यक्ति कम से कम 30 वर्षों से सेवा कार्य में संलग्न हैं,और जिनके परिवार में कम से कम दो पीढ़ियों से यह ज्ञान स्थानांतरित हुआ हैं, वे पात्र होंगे।अनुसूचित क्षेत्रों में पिछले तीन वर्षों से सक्रिय वनौषधीय चिकित्सकों को चिन्हित कर सम्मानित किया जाएगा।चयन प्रक्रिया ग्राम पंचायत से शुरू होकर जनपद समिति और जिला स्तर की समीक्षा के बाद अंतिम सूची तैयार की जाएगी।चयनित व्यक्तियों को ₹5,000 की वार्षिक राशि जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रदान की जाएगी।प्राप्तकर्ताओं की सूची संबंधित ग्राम सभा में सार्वजनिक रूप से घोषित की जाएगी।
🟠मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का संदेश
“छत्तीसगढ़ की जनजातीय परंपराएँ हमारे सांस्कृतिक वैभव और प्राचीन ज्ञान का प्रतीक हैं।बैगा, गुनिया और हड़जोड़ समाज के वे सम्मानित जन हैं,जिन्होंने सदियों से लोक-चिकित्सा की परंपरा को जीवित रखा हैं।‘मुख्यमंत्री बैगा गुनिया हड़जोड़ सम्मान योजना’ के माध्यम से राज्य सरकार उनके योगदान को न केवल सम्मानित कर रही हैं,बल्कि उनकी परंपरागत चिकित्सा प्रणाली को संरक्षित करने का दायित्व भी निभा रही हैं।”












