न्यूज डेस्क,स्पेशल रिपोर्ट,रायपुर/छत्तीसगढ़/24नवम्बर2025—Nexis News
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के निधन ने भारतीय सिनेमा जगत में गहरा शोक फैला दिया है। 89 वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले धर्मेंद्र न केवल एक स्टार थे, बल्कि करोड़ों दर्शकों के दिलों में बसने वाले एक भावनात्मक और सहज व्यक्तित्व भी थे। उनका जीवन और करियर भारतीय फिल्म उद्योग के कई महत्वपूर्ण अध्यायों को समेटे हुए है।
🟠शुरुआती दौर: 1960 के दशक में चमका सितारा
धर्मेंद्र ने 1960 के दशक में एक रोमांटिक हीरो के रूप में अपनी पहचान बनाई।अनपढ़, फूल और पत्थर, आया सावन झूम के जैसी फिल्मों ने उन्हें युवा दर्शकों का पसंदीदा चेहरा बना दिया।
उनकी सरल अभिनय शैली और नैचुरल स्क्रीन प्रेज़ेन्स ने उन्हें उस दौर के बाकी अभिनेताओं से अलग जगह दी।
🟠1970: ‘ही-मैन’ बनने का स्वर्णिम दौर
1970 का दशक धर्मेंद्र के करियर का सबसे चमकदार समय माना जाता है।उन्होंने इस दशक में एक्शन, कॉमेडी, रोमांस और ड्रामा—सभी शैलियों में अपनी मजबूत पकड़ दिखाई। मेरा गाँव मेरा देश,शोले,चुपके चुपके,धरमवीर जैसे फिल्मों की सफलता ने उन्हें ‘ही-मैन ऑफ बॉलीवुड’ का खिताब दिलाया। धर्मेंद्र वह दुर्लभ अभिनेता रहे जिन्होंने एक ही समय में एक्शन आइकन, हास्य कलाकार, रोमैंटिक हीरो और परिवार-केंद्रित किरदार—सभी में बेहतरीन प्रदर्शन किया।
🟠1980–90: परिपक्व भूमिकाएँ और परिवार की धुरी
इस दौर में धर्मेंद्र चरित्र प्रधान और परिवार केंद्रित भूमिकाओं में दिखे।उन्होंने अपने बेटों सनी देओल और बॉबी देओल के करियर को दिशा देने में बड़ा योगदान दिया।उनकी लोकप्रियता उम्र के साथ कम नहीं हुई—बल्कि उनकी सरलता और भावनात्मक जुड़ाव ने दर्शकों को उनसे और करीब कर दिया।
🟠2000 के बाद: लेगेसी और सम्मान
बाद के वर्षों में धर्मेंद्र समय-समय पर फिल्मों में नजर आते रहे।
यमला पगला दीवाना जैसी फिल्मों ने उन्हें नई पीढ़ी के दर्शकों में भी लोकप्रिय बनाया। 2012 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया, जो उनके योगदान की आधिकारिक मान्यता थी।
उनकी अंतिम रिलीज़ से पहले दिखाई गई फिल्म ‘तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया’ रही, जबकि उनकी आखिरी परियोजना ‘इक्कीस’ के रूप में 25 दिसंबर 2025 को रिलीज़ होने वाली है।
🟠धर्मेंद्र की लेगेसी: भारतीय सिनेमा का अमर अध्याय
धर्मेंद्र केवल एक सफल अभिनेता ही नहीं, बल्कि एक ऐसा व्यक्तित्व थे जिन्होंने
🔸सादगी
🔸सहज अभिनय
🔸भावनात्मक जुड़ाव
🔸और परिवारिक मूल्यों
को अपनी पहचान बनाया।
उनकी फिल्में, उनके किरदार और उनकी मानवीय सरलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी।
🟠निष्कर्ष
धर्मेंद्र के जाने से भारतीय फिल्म उद्योग ने एक ऐसा सितारा खो दिया है जिसकी चमक सदियों तक महसूस की जाएगी। उनकी यात्रा रोमांस से लेकर एक्शन और फिर चरित्र भूमिकाओं तक फैली—और हर पड़ाव पर उन्होंने भारतीय सिनेमा को कुछ अनोखा दिया। उनकी विरासत, उनका अभिनय और उनका व्यक्तित्व हमेशा दर्शकों के दिलों में जीवित रहेगा।












