संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,14जनवरी2026/ विशेष रिपोर्ट-Nexis News
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में, संचालित धान खरीदी महाअभियान ने वर्ष 2025-26 में नया कीर्तिमान स्थापित किया हैं। राज्य में अब तक की सबसे अधिक धान खरीदी और किसानों को सबसे ज्यादा भुगतान का रिकॉर्ड दर्ज किया गया हैं।
🟠13 जनवरी 2026 तक खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत
🔸️17,77,419 किसानों से 105.14 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी
🔸️और ₹23,448 करोड़ की रिकॉर्ड राशि सीधे किसानों के खातों में अंतरित की जा चुकी हैं।
🔸️यह आंकड़ा अब तक के सभी वर्षों की तुलना में 13 जनवरी तक की सबसे बड़ी उपलब्धि हैं।
🟠पिछले वर्षों को पीछे छोड़ती ऐतिहासिक बढ़त
आंकड़े बताते हैं,कि पूर्व वर्षों की तुलना में इस वर्ष धान खरीदी और भुगतान दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई हैं—
🔸️2020-21: 72.15 LMT धान, ₹13,550 करोड़
🔸️2021-22: 68.77 LMT धान, ₹13,410 करोड़
🔸️2022-23: 97.67 LMT धान, ₹20,022 करोड़
🔸️2025-26 (13 जनवरी तक): 105.14 LMT धान, ₹23,448 करोड़
🔸️स्पष्ट हैं,कि मौजूदा खरीफ विपणन वर्ष में सरकार ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
🟠पारदर्शी व्यवस्था, समय पर भुगतान से बढ़ा किसानों का भरोसा
धान खरीदी में यह ऐतिहासिक सफलता राज्य सरकार की पारदर्शी व्यवस्था, तकनीकी निगरानी और समयबद्ध भुगतान प्रणाली का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर मिल रहा हैं,जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही हैं।
🟠मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का स्पष्ट संकल्प हैं—
🔸️“हर पात्र किसान से हर दाना खरीदा जाएगा और हर रुपये का भुगतान समय पर किया जाएगा।”
🔸️अनियमितताओं पर सख्ती, शून्य सहनशीलता नीति लागू राज्य सरकार ने धान खरीदी एवं भंडारण में अनियमितताओं पर कड़ा रुख अपनाया हैं।
🔸️0.5% से अधिक कमी पर कारण बताओ नोटिस
🔸️1% से 2% कमी पर विभागीय जांच
🔸️2% से अधिक कमी पर निलंबन व एफआईआर
🔸️पिछले दो वर्षों में 33 खाद्य निरीक्षकों/अधिकारियों को नोटिस
🔸️2 मामलों में एफआईआर
🔸️1 संग्रहण केन्द्र प्रभारी निलंबित
🔸️यह कार्रवाई सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहनशीलता नीति को दर्शाती हैं।
🟠धान निराकरण की प्रक्रिया जारी
केन्द्रीय पूल के अंतर्गत निर्धारित 78 लाख मीट्रिक टन चावल लक्ष्य के विरुद्ध लगभग 116 लाख मीट्रिक टन धान का निराकरण संभव हुआ। शेष धान का निपटान नीलामी के माध्यम से किया गया।FCI की सीमित गोदाम क्षमता के कारण कुछ मामलों में धान उठाव में समय लगा, जिससे सूखत की संभावना बनी। वर्तमान में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के अंतर्गत धान उठाव की प्रक्रिया प्रगतिरत हैं।
🟠किसानों के विश्वास से कोई समझौता नहीं
राज्य सरकार का स्पष्ट संदेश हैं,कि किसानों के धन, अनाज और विश्वास के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। धान खरीदी से लेकर भुगतान, भंडारण और निराकरण तक पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, उत्तरदायी और तकनीकी रूप से नियंत्रित रखा गया हैं।












