संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,14जनवरी2026/ विशेष रिपोर्ट-Nexis News
छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति और विश्वास की बहाली की दिशा में एक और बड़ी सफलता मिली हैं। सुकमा जिले के गोण्डा क्षेत्र में सक्रिय रहे 29 भटके युवाओं ने हिंसा और भटकाव को त्यागकर समाज की मुख्यधारा में लौटने का संकल्प लिया हैं। यह कदम क्षेत्र में बदलते हालात और विकास की बढ़ती पहुँच का मजबूत संकेत माना जा रहा हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे केवल आत्मसमर्पण नहीं,बल्कि उस भरोसे और सुरक्षा का प्रतीक बताया जो अब नक्सल प्रभावित अंचलों में लौट रहा हैं। उन्होंने कहा,कि जहाँ कभी डर और असुरक्षा का माहौल था,वहाँ अब प्रशासन की सक्रियता, सुरक्षा शिविरों की मौजूदगी और जनकल्याणकारी योजनाओं से स्थिति तेजी से बदल रही हैं।
🟠विकास कार्यों से बदली तस्वीर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा,कि सुकमा और आसपास के क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, राशन, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की पहुँच से आम लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया हैं। सरकार का लक्ष्य केवल हिंसा का अंत नहीं, बल्कि युवाओं को सम्मानजनक और सुरक्षित भविष्य देना हैं।
🟠संविधान और सम्मान का रास्ता अपनाने वालों को सरकार का साथ
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया कि—
“जो हिंसा छोड़कर संविधान और विकास का मार्ग अपनाएगा, सरकार उसे सम्मान, अवसर और आत्मनिर्भर जीवन देगी।”
राज्य सरकार पुनर्वास, कौशल विकास, शिक्षा और स्वरोजगार के माध्यम से यह सुनिश्चित कर रही हैं,कि मुख्यधारा में लौटने वाले युवाओं को समाज में स्थिरता और नई पहचान मिले।29 युवाओं की यह घर वापसी साबित करती हैं,कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचलों में अब डर की जगह भरोसा और अंधेरे की जगह उम्मीद ने ले ली हैं।
छत्तीसगढ़ आज स्पष्ट संदेश दे रहा हैं—
हिंसा नहीं, विकास ही भविष्य हैं।












