संदिली सिंह,ओडिशा,8फरवरी 2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
केन्दुझर जिले में कॉफी और चाय की खेती के सफल प्रयोगों के बाद अब पाम (पाम ऑयल) की खेती को बढ़ावा देने की दिशा में ठोस पहल शुरू हो गई हैं। जिले की जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए,उद्यानिकी विभाग पिछले दो वर्षों से पाम खेती की संभावनाओं पर काम कर रहा हैं,ताकि किसानों की आय बढ़ाई जा सके और जिले को पाम तेल उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
पहली बार वित्तीय वर्ष 2024-25 में पाम खेती की तैयारी शुरू की गई थी। उस दौरान 200 हेक्टेयर भूमि में पौधरोपण का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन केवल 16.4 हेक्टेयर क्षेत्र में ही खेती हो सकी। वहीं चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में लक्ष्य बढ़ाकर 400 हेक्टेयर कर दिया गया हैं, हालांकि अब तक 54.5 हेक्टेयर भूमि में ही पाम की खेती शुरू हो पाई हैं।
🟠चंपुआ और बांसपाल आगे
जिले में सबसे अधिक पाम खेती चंपुआ ब्लॉक में की गई हैं,जहां 18 किसानों द्वारा 17.2 हेक्टेयर भूमि में पौधरोपण किया गया हैं। वहीं बांसपाल ब्लॉक में 12 किसानों ने 12.5 हेक्टेयर क्षेत्र में पाम पौधे लगाए हैं।
🟠इसके अलावा
🔸️आनंदपुर – 4.6 हेक्टेयर
🔸️केन्दुझर सदर – 1 हेक्टेयर
🔸️पटना – 1 हेक्टेयर
🔸️साहारपड़ा – 4.2 हेक्टेयर
🔸️हरिचंदनपुर – 2.4 हेक्टेयर
🔸️घटगांव – 0.4 हेक्टेयर
🔸️तेलकोई – 1 हेक्टेयर
🔸️घसिपुरा – 2.4 हेक्टेयर
🔸️हाटडीही – 0.4 हेक्टेयर
🔸️जोड़़ा – 1.2 हेक्टेयर
🔸️झुम्पुरा – 4 हेक्टेयर
भूमि में पाम की खेती की जा रही हैं।73 गहरे नलकूप, सुरक्षा व्यवस्था पर भी जोर,पाम खेती के लिए चिन्हित क्षेत्रों में 73 गहरे नलकूप खोदने की प्रशासनिक तैयारी चल रही हैं। इसके साथ ही फसलों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। विभाग का मानना हैं,कि आगामी वर्षों में बड़े पैमाने पर पाम खेती को बढ़ावा दिया जा सकेगा।
🟠पाम तेल से रोजगार और आत्मनिर्भरता की उम्मीद
सामान्यतः सरसों तेल के विकल्प के रूप में पाम तेल की बढ़ती मांग को देखते हुए इसमें रोजगार और आय सृजन की व्यापक संभावनाएं हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए उद्यानिकी विभाग का लक्ष्य केन्दुझर को पाम खेती का हब बनाना हैं।
🟠कॉफी और चाय में पहले ही दिखा चुका हैं, केन्दुझर दम
गौरतलब हैं,कि वर्ष 2005 में बांसपाल के उपरकाईपुर गांव में प्रीतम कुमार राठौर ने 13 एकड़ भूमि में कॉफी बोर्ड, कोरापुट से 8000 पौधे लाकर कॉफी की खेती की थी, जो सफल रही। इसके बाद बांसपाल, तेलकोई और सदर ब्लॉक में कॉफी खेती का विस्तार हुआ। वहीं तरमाकांत चाय बागान के पुनरुद्धार के बाद आगामी जून से चाय पौधरोपण की तैयारी भी प्रशासन द्वारा की जा रही हैं।












