संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,9फरवरी 2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज रायपुर में वामपंथी उग्रवाद (नक्सलवाद) पर एक उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इसके साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की भी विस्तृत समीक्षा की।बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, केन्द्रीय गृह सचिव, आईबी निदेशक, गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, CRPF, NIA, BSF, ITBP के महानिदेशक तथा छत्तीसगढ़, तेलंगाना, झारखंड, ओडिशा और महाराष्ट्र के गृह सचिव एवं पुलिस महानिदेशक मौजूद रहे।
🟠नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक दौर
बैठक को संबोधित करते हुए,गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केन्द्र और छत्तीसगढ़ सरकार की सुरक्षा-केन्द्रित रणनीति, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, नक्सल फाइनेंशियल नेटवर्क पर प्रहार और प्रभावी आत्मसमर्पण नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।उन्होंने विश्वास जताया कि 31 मार्च 2026 से पहले देश पूरी तरह नक्सल-मुक्त हो जाएगा।
🟠नक्सली गढ़ से विकास का प्रतीक बना छत्तीसगढ़
गृह मंत्री ने कहा,कि कभी नक्सली हिंसा का गढ़ रहा छत्तीसगढ़, आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चल रही,डबल इंजन सरकार में विकास का पर्याय बन चुका हैं।उन्होंने कहा,कि आज छत्तीसगढ़ के युवा खेल, फॉरेंसिक और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं, साथ ही अपनी संस्कृति और परंपराओं को भी संजो रहे हैं।
🟠माओवाद के खिलाफ समन्वित लड़ाई पर जोर
अमित शाह ने स्पष्ट किया कि माओवाद के खिलाफ लड़ाई बिखरी हुई नहीं होनी चाहिए। सभी राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है, ताकि बचे हुए माओवादियों को अन्य राज्यों में भागने का मौका न मिले।
🟠सुरक्षा और विकास—दोनों मोर्चों पर प्रगति
गृह मंत्री ने कहा,कि छत्तीसगढ़ ने सुरक्षा और विकास दोनों मोर्चों पर उल्लेखनीय प्रगति की हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को विकास के समान अवसर मिलना सुनिश्चित किया जाए।












