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विश्व पर्यावरण दिवस विशेष : सिर्फ एक दिन नहीं, हर दिन निभाएं जिम्मेदारी; संकट में हैं’धरा’ का वजूद

संदिली सिंह,अंबिकापुर,छत्तीसगढ़,5जून2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis News

आज पूरा विश्व विश्व पर्यावरण दिवस मना रहा हैं। हर साल की तरह इस बार भी बड़े-बड़े मंचों पर पर्यावरण संरक्षण की बातें होंगी, पौधारोपण अभियान चलेंगे और सोशल मीडिया पर हरियाली से भरी तस्वीरें नजर आएंगी। लेकिन सवाल यह हैं,कि क्या सिर्फ एक दिन की औपचारिकता से पर्यावरण बचाया जा सकता हैं?

धरातल की सच्चाई इससे कहीं अधिक चिंताजनक हैं। हमारी धरती लगातार तप रही हैं, नदियां और तालाब सूख रहे हैं, जंगल सिमट रहे हैं और मौसम का संतुलन तेजी से बिगड़ रहा हैं। छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में इस वर्ष पड़ी भीषण गर्मी और गहराते जल संकट ने साफ संकेत दे दिया हैं,कि यदि अब भी हमने प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी नहीं समझी, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा और शुद्ध पानी केवल किताबों की बातें बनकर रह जाएंगी।

🟠विकास की अंधी दौड़ में दम तोड़ती हरियाली

सड़कों के चौड़ीकरण, नई इमारतों और औद्योगिक विस्तार के नाम पर हर दिन हजारों पेड़ काटे जा रहे हैं। कंक्रीट के जंगल प्राकृतिक जंगलों की जगह लेते जा रहे हैं। कभी अपनी ठंडी जलवायु और घने वनों के लिए पहचान रखने वाला सरगुजा अंचल भी अब रिकॉर्ड तोड़ तापमान झेल रहा हैं। भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है और ग्रामीण से लेकर शहरी क्षेत्रों तक पेयजल संकट गहराता जा रहा हैं।यह केवल पर्यावरण का संकट नहीं, बल्कि मानव जीवन के भविष्य पर मंडराता खतरा हैं।

🟠सिर्फ पौधा लगाना नहीं, उसे पेड़ बनाना भी जिम्मेदारी

पर्यावरण दिवस का अर्थ केवल 5 जून को एक पौधा लगाकर फोटो खिंचवाना नहीं हैं। असली पर्यावरण संरक्षण तब होगा जब लगाया गया पौधा वर्षों तक जीवित रहे और आने वाली पीढ़ियों को छांव, ऑक्सीजन और जीवन दे।

🟠महात्मा गांधी की सीख आज भी प्रासंगिक

“प्रकृति के पास मनुष्य की हर जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त साधन हैं, लेकिन उसके लालच को पूरा करने के लिए कुछ भी नहीं।”

आज जब धरती जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और संसाधनों के अंधाधुंध दोहन से जूझ रही हैं, तब यह विचार पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया हैं।

🟠Nexis News की अपील : ‘दिखावे’ से अलग ‘धरातल’ पर करें काम

​पर्यावरण दिवस का मतलब केवल 5 जून को एक पौधा लगाकर भूल जाना और उसके साथ सेल्फी खिंचवाना नहीं होना चाहिए। Nexis News अपने सभी पाठकों और सजग नागरिकों से अपील करता हैं कि –

​🔸️पौधा लगाएं ही नहीं, उसे पालें भी यदि आप आज एक पौधा लगा रहे हैं, तो उसे तब तक पानी और सुरक्षा दें जब तक वह एक मजबूत पेड़ न बन जाए।

​🔸️जल संरक्षण को बनाएं आदत वर्षा जल संचयन (Water Harvesting) को अपने घरों में अनिवार्य रूप से अपनाएं। पानी की हर एक बूंद कीमती हैं।

🔸️​प्लास्टिक को कहें ‘ना’ सिंगल-यूज प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह बंद करें। यह हमारी मिट्टी और मवेशियों के लिए धीमा जहर हैं।

🔸️पारंपरिक जलस्रोतों को बचाएं हमारे आसपास के तालाब, कुएं और नदियां दम तोड़ रही हैं। इनका संरक्षण और जीर्णोद्धार बेहद जरूरी हैं।

🟠वक्त आ गया हैं, अपनी जिम्मेदारी समझने का

​पर्यावरण को बचाना केवल सरकार, वन विभाग या किसी स्वयंसेवी संस्था (NGO) की जिम्मेदारी नहीं हैं। यह हर उस व्यक्ति का कर्तव्य हैं,जो इस धरती की हवा में सांस ले रहा हैं और इसका पानी पी रहा हैं।

आइए, इस पर्यावरण दिवस पर Nexis News के साथ यह संकल्प लें,कि हम प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनेंगे और अपनी दैनिक जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव लाकर इस धरती को हरा-भरा और रहने योग्य बनाए रखने में अपना योगदान देंगे।

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