Nexis News

विकसित छत्तीसगढ़ का नया विजन : अब डिग्री नहीं, ग्लोबल करियर की होगी तैयारी

संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,5जून2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis News

छत्तीसगढ़ अब पारंपरिक शिक्षा व्यवस्था से आगे बढ़कर,युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ‘उत्कृष्टता केंद्र (Center of Excellence)’ योजना शुरू की हैं, जिसका उद्देश्य कॉलेजों को केवल डिग्री देने वाले संस्थान नहीं, बल्कि आधुनिक कौशल, नवाचार और रोजगार के केंद्र के रूप में विकसित करना हैं।यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल स्किलिंग, रिसर्च और उद्यमिता जैसे आधुनिक क्षेत्रों में अवसर प्रदान करेगी। राज्य के 36 प्रमुख महाविद्यालयों को चरणबद्ध तरीके से उत्कृष्टता केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा।

🟠शिक्षा से रोजगार तक की पूरी तैयारी

वर्षों से उच्च शिक्षा और रोजगार के बीच बनी खाई को पाटने के लिए सरकार ने व्यापक योजना तैयार की हैं। इसके तहत छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान नहीं बल्कि उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

🟠उत्कृष्टता केंद्रों के प्रमुख स्तंभ

🔸️अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं

विज्ञान, तकनीक, कृषि और कंप्यूटर साइंस के विद्यार्थियों को आधुनिक लैब सुविधाएं मिलेंगी, जिससे वे व्यवहारिक अनुभव प्राप्त कर सकेंगे।

🔸️डिजिटल लर्निंग सेंटर

हाई-स्पीड इंटरनेट, स्मार्ट क्लासरूम और ई-लाइब्रेरी के माध्यम से ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के छात्र भी विश्वस्तरीय अध्ययन सामग्री तक पहुंच बना सकेंगे।

🔸️रिसर्च एवं इनोवेशन लैब

स्थानीय कृषि, जनजातीय कला, हर्बल चिकित्सा, खनन और क्षेत्रीय समस्याओं पर शोध को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे स्थानीय ज्ञान को वैश्विक पहचान मिल सके।

🔸️रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण

कोडिंग, आईटी स्किल्स, स्टार्टअप, उद्यमिता और उद्योग आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए छात्रों को रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा।

🔸️करियर एवं प्लेसमेंट गाइडेंस

प्रतियोगी परीक्षाओं, कैंपस प्लेसमेंट और करियर काउंसलिंग के लिए विशेष मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।

🟠करोड़ों का निवेश, मजबूत रोडमैप

राज्य सरकार ने योजना के पहले चरण में 25 महाविद्यालयों के लिए प्रति कॉलेज 3 करोड़ रुपये का प्रावधान किया हैं। वहीं अगले चरण में चयनित संस्थानों के लिए 15 करोड़ रुपये तक की विशेष वित्तीय सहायता दी जाएगी।साथ ही राज्य रिसर्च एवं इनोवेशन योजना के माध्यम से छात्रों और शिक्षकों को अनुसंधान कार्यों के लिए वित्तीय और तकनीकी सहयोग भी मिलेगा।

🟠ग्रामीण और वनांचल के छात्रों को मिलेगा सबसे बड़ा लाभ

अब दूरदराज के छात्रों को बेहतर शिक्षा और आधुनिक सुविधाओं के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। उनके अपने जिले के कॉलेजों में ही विश्वस्तरीय संसाधन उपलब्ध होंगे।इससे आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों को भी समान अवसर मिल सकेंगे।

🟠रोजगार मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनेंगे युवा

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का स्पष्ट लक्ष्य हैं,कि छत्तीसगढ़ के युवा केवल नौकरी तलाशने वाले न बनें, बल्कि नए स्टार्टअप और उद्यम स्थापित कर रोजगार सृजित करने वाले बनें।यह योजना युवाओं में नवाचार, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व क्षमता विकसित कर राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति देने का माध्यम बनेगी।

🟠छत्तीसगढ़ बनेगा ‘नॉलेज स्टेट’

‘उत्कृष्टता केंद्र योजना’ केवल शिक्षा सुधार नहीं, बल्कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की आधारशिला हैं। आने वाले वर्षों में इन संस्थानों से निकलने वाले युवा आधुनिक कौशल, अनुसंधान क्षमता और वैश्विक दृष्टिकोण के साथ देश-दुनिया में अपनी पहचान बनाएंगे।

Leave a Comment

यह भी पढ़ें

error: Content is protected !!