संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,6जून2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण फैसले में न्यायालय ने दो गांजा तस्करों को 15-15 वर्ष के,सश्रम कारावास और 1.50-1.50 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई हैं। विशेष आपराधिक प्रकरण क्रमांक 35/2024 में सुनाए गए इस फैसले को क्षेत्र में नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा हैं।न्यायालय ने आरोपी आकाश ठाकुर और सूरज प्रसाद साहिब को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(b)(ii)(C) के तहत दोषी करार देते हुए कठोर कारावास की सजा सुनाई। वहीं आरोपी आकाश ठाकुर को भारतीय दंड संहिता की धारा 465 के तहत भी दोषी पाते हुए 2 वर्ष के अतिरिक्त सश्रम कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया।
🟠टीकाराम खटकर की विवेचना बनी केस की सबसे मजबूत कड़ी
इस बहुचर्चित मामले में विवेचना अधिकारी टीकाराम खटकर की भूमिका निर्णायक रही। 2 फरवरी 2024 को दर्ज अपराध की जांच के दौरान उन्होंने साक्ष्यों का वैज्ञानिक तरीके से संकलन, गवाहों के बयान और कानूनी प्रक्रियाओं का इतनी बारीकी से पालन किया, कि आरोपियों के बचाव की सभी संभावनाएं समाप्त हो गईं।जांच के दौरान तैयार की गई मजबूत चार्जशीट और पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष अदालत में आरोप सिद्ध करने में सफल रहा, जिसके परिणामस्वरूप दोषियों को कड़ी सजा मिली।
🟠28 महीने बाद आया फैसला
मामले की एफआईआर 2 फरवरी 2024 को दर्ज हुई थी। लगभग 28 महीने तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद 3 जून 2026 को न्यायालय ने अपना फैसला सुनाया। दोनों आरोपी गिरफ्तारी के दिन से ही न्यायिक अभिरक्षा में थे और जेल में बिताई गई अवधि को उनकी सजा में समायोजित किया जाएगा।
🟠कोर्ट ने दिखाई सख्ती
न्यायालय ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा,कि जब्त गांजे की मात्रा वाणिज्यिक श्रेणी (Commercial Quantity) में थी। ऐसे मामलों में कानून के तहत 10 से 20 वर्ष तक की सजा का प्रावधान हैं। मामले की गंभीरता और समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को देखते हुए न्यायालय ने किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती और दोनों दोषियों को 15-15 वर्ष की कठोर सजा सुनाई।इस फैसले के बाद क्षेत्र में सरसिंवा पुलिस की कार्रवाई और विवेचना अधिकारी टीकाराम खटकर की पेशेवर कार्यशैली की व्यापक सराहना हो रही हैं।












