संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,7जून2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने कहा हैं,कि चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) केवल वित्तीय सलाहकार नहीं होते, बल्कि वे उद्योग, व्यापार और उद्यमों को सही दिशा देने वाले भरोसेमंद मार्गदर्शक भी होते हैं। किसी भी व्यवसाय की सफलता, पारदर्शिता और वित्तीय मजबूती में सीए की भूमिका रीढ़ की हड्डी की तरह होती हैं।राज्यपाल डेका रविवार को रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सीए छात्र सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन का आयोजन भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (ICAI) रायपुर शाखा और सेंट्रल इंडिया चार्टर्ड अकाउंटेंट्स स्टूडेंट्स एसोसिएशन (CICASA) द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। कार्यक्रम में देशभर से आए एक हजार से अधिक सीए विद्यार्थियों ने भाग लिया।
🟠देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में सीए की अहम भूमिका
राज्यपाल ने कहा,कि कर राजस्व किसी भी देश के विकास और सुशासन की आधारशिला हैं। सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं, अधोसंरचना विकास और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों के लिए कर संग्रहण बेहद आवश्यक हैं। ऐसे में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की जिम्मेदारी केवल कर सलाह देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लोगों को कर भुगतान के प्रति जागरूक करना भी उनका दायित्व हैं।उन्होंने कहा कि अधिकांश नागरिक कर देना चाहते हैं, लेकिन कई बार जटिल प्रक्रियाएं उनके लिए परेशानी का कारण बनती हैं। विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों को ध्यान में रखते हुए कर प्रणाली को और अधिक सरल एवं सुविधाजनक बनाने की आवश्यकता हैं।
🟠छोटे उद्योग और स्टार्टअप भारत की असली ताकत
राज्यपाल डेका ने कहा,कि भारत में रोजगार सृजन का सबसे बड़ा आधार छोटे उद्योग, स्टार्टअप और उद्यमी हैं। लघु एवं मध्यम उद्योग (MSME) देश की आर्थिक प्रगति को नई दिशा दे रहे हैं। ऐसे उद्यमों को वित्तीय सलाह, पारदर्शिता और विकास की रणनीति देने में सीए की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हैं।उन्होंने कहा,कि आने वाले वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था की गति और तेज होगी, जिसमें युवा चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की भागीदारी निर्णायक साबित होगी।
🟠एआई अवसर हैं,चुनौती नहीं
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव पर चर्चा करते हुए राज्यपाल ने कहा,कि तकनीक को खतरे के रूप में नहीं बल्कि अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। एआई इंसान की जगह नहीं ले सकता, बल्कि उसकी कार्यक्षमता और उत्पादकता को बढ़ाने का माध्यम बन सकता हैं।उन्होंने विद्यार्थियों को नई तकनीकों को अपनाने और डिजिटल युग की जरूरतों के अनुसार खुद को तैयार करने की सलाह दी।
🟠डिजिटल एडिक्शन पर जताई चिंता
राज्यपाल ने युवाओं में बढ़ती मोबाइल और सोशल मीडिया की लत पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, कि अत्यधिक डिजिटल निर्भरता व्यक्ति की सोचने, समझने और निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित करती हैं।उन्होंने बताया,कि विश्व के कई देशों में 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के मोबाइल उपयोग को लेकर विशेष नियम बनाए गए हैं। भारत में भी इस विषय पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता हैं।
🟠ईमानदारी, भरोसा और गोपनीयता ही सफलता की कुंजी
सीए विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए,राज्यपाल ने कहा कि इस पेशे की सबसे बड़ी ताकत ज्ञान नहीं, बल्कि भरोसा और गोपनीयता हैं। ग्राहक अपने वित्तीय और व्यावसायिक मामलों की जानकारी सीए को पूर्ण विश्वास के साथ सौंपता हैं। ऐसे में नैतिकता, पारदर्शिता और ईमानदारी को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।उन्होंने कहा,कि एक सफल चार्टर्ड अकाउंटेंट वही है जो अपने ज्ञान के साथ-साथ अपने चरित्र और पेशेवर मूल्यों के लिए भी पहचाना जाए।
🟠समाज के लिए भी करें योगदान
राज्यपाल ने विद्यार्थियों से आह्वान किया,कि वे अपने करियर में सफलता हासिल करने के साथ-साथ समाज के लिए भी समय निकालें। जीवन में कम से कम एक ऐसा कार्य अवश्य करें, जो किसी व्यक्तिगत लाभ से जुड़ा न हो बल्कि समाज और जरूरतमंद लोगों के हित में हो।
🟠स्मारिका का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान सम्मेलन की स्मारिका का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर आईसीएआई बोर्ड ऑफ स्टडीज के अध्यक्ष सीए राजेश शर्मा, उपाध्यक्ष सीए ज्ञान चंद्र मिश्रा, रायपुर शाखा की चेयरपर्सन सीए रश्मि वर्मा सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।












