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अंतर्राष्ट्रीय अभिलेखागार सप्ताह : रायपुर में इतिहास के दुर्लभ दस्तावेजों से रूबरू होंगे नागरिक, 5 दिवसीय विशेष प्रदर्शनी का आयोजन

संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,7जून2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis News

इतिहास केवल किताबों में दर्ज घटनाओं का संग्रह नहीं, बल्कि किसी समाज, संस्कृति और शासन व्यवस्था की जीवंत स्मृति होता हैं। इन्हीं ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करने और आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अंतर्राष्ट्रीय अभिलेखागार सप्ताह के अवसर पर राजधानी रायपुर में 8 से 12 जून 2026 तक विशेष प्रदर्शनी एवं व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा हैं।रायपुर स्थित Mahant Ghasidas Memorial Museum की आर्ट गैलरी में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में नागरिकों को दुर्लभ ऐतिहासिक अभिलेखों, प्रशासनिक दस्तावेजों और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े महत्वपूर्ण रिकॉर्ड्स को करीब से देखने और समझने का अवसर मिलेगा।

🟠ऐतिहासिक दस्तावेजों में दिखेगी शासन और समाज की यात्रा

प्रदर्शनी में शासन, नीति-निर्माण, प्रशासनिक व्यवस्था, सामाजिक विकास और सांस्कृतिक परिवर्तन से जुड़े महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेजों के छायाचित्र प्रदर्शित किए जाएंगे। इन अभिलेखों के माध्यम से नागरिक प्रदेश और देश के प्रशासनिक विकास, सामाजिक बदलाव और ऐतिहासिक घटनाओं की महत्वपूर्ण झलक देख सकेंगे।आयोजकों का मानना है कि अभिलेख केवल पुराने कागजात नहीं होते, बल्कि वे समाज की स्मृतियों, निर्णयों और विकास यात्रा के साक्षी होते हैं। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर इतिहास लिखा जाता हैं,और भविष्य की नीतियों को दिशा मिलती है।

🟠5 दिनों तक आमजन के लिए खुली रहेगी प्रदर्शनी

यह विशेष प्रदर्शनी 8 जून से 12 जून तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी। विद्यार्थी, शोधार्थी, इतिहासकार, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले युवा और इतिहास में रुचि रखने वाले लोग यहां पहुंचकर दुर्लभ दस्तावेजों का अवलोकन कर सकेंगे।

🟠‘न्याय, अधिकार और स्मृति’ विषय पर होगा विशेष व्याख्यान

अभिलेखागार सप्ताह के अंतर्गत 9 जून को एक विशेष व्याख्यान का आयोजन भी किया जाएगा। “न्याय के लिए अभिलेखागार: अधिकार, स्मृति और भविष्य” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर के विशेषज्ञ अपने विचार साझा राष्ट्रीय अभिलेखागार, नई दिल्ली के विशेषज्ञ Deepak तथा भुवनेश्वर के अभिलेख विशेषज्ञ Satyanarayan Mishra अभिलेखों की उपयोगिता, संरक्षण की चुनौतियों और लोकतांत्रिक व्यवस्था में उनकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

🟠विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए मिलेगा सीखने का अवसर

यह आयोजन विशेष रूप से विद्यार्थियों, शोधार्थियों, इतिहासकारों और अभिलेख संरक्षण में रुचि रखने वाले लोगों के लिए उपयोगी माना जा रहा हैं। कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को यह समझने का अवसर मिलेगा कि ऐतिहासिक दस्तावेज किस प्रकार समाज, शासन और न्यायिक प्रक्रियाओं के महत्वपूर्ण आधार बनते हैं।

🟠विरासत संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल

पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय संचालनालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के महत्व से अवगत कराना तथा अभिलेखागारों की भूमिका को व्यापक स्तर पर प्रचारित करना हैं।विशेषज्ञों का मानना हैं,कि अभिलेखागार किसी भी सभ्यता की सामूहिक स्मृति होते हैं। इनके संरक्षण से न केवल इतिहास सुरक्षित रहता हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपने अतीत को समझने और उससे सीखने का अवसर भी मिलता हैं।

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