न्यूज डेस्क,राउरकेला,उड़ीसा,8जून2026
मानव-हाथी संघर्ष की बढ़ती घटनाओं ने राउरकेला वन प्रभाग में चिंता और दहशत का माहौल पैदा कर दिया हैं। रविवार सुबह पानपोष वन क्षेत्र में एक दंतैल हाथी के हमले में 60 वर्षीय किसान की दर्दनाक मौत हो गई। सबसे चिंताजनक बात यह हैं,कि बीते तीन दिनों में हाथी हमले से यह तीसरी मौत हैं,जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा हैं।
🟠खेत में काम करते समय हुआ हमला
मृतक की पहचान नीलांबर कालो (60) के रूप में हुई हैं,जो बंडामुंडा थाना क्षेत्र के प्रेम नगर निवासी थे। जानकारी के अनुसार नीलांबर कालो रविवार सुबह अपनी पत्नी के साथ खेत में कृषि कार्य करने गए थे। इसी दौरान उत्तर चिरुगुड़ा आरक्षित वन क्षेत्र से निकला एक दंतैल हाथी अचानक खेत में पहुंच गया।हाथी को देखते ही उनकी पत्नी ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचा ली, लेकिन नीलांबर कालो को संभलने का मौका नहीं मिला। दंतैल हाथी ने उन्हें पैरों तले कुचल दिया, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
🟠घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश
घटना की खबर मिलते ही प्रेम नगर सहित आसपास के गांवों के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने वन विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा,कि क्षेत्र में हाथियों की लगातार मौजूदगी के बावजूद प्रभावी निगरानी और समय पर चेतावनी की व्यवस्था नहीं की जा रही है।ग्रामीणों का कहना हैं,कि यदि हाथियों की गतिविधियों की जानकारी समय रहते दी जाती, तो शायद एक और जान बचाई जा सकती थी।
🟠 मृतक परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा
बढ़ते तनाव को देखते हुए,वन विभाग के अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाइश देकर शांत कराया। अधिकारियों ने मृतक के परिजनों को शासन के नियमानुसार 10 लाख रुपये मुआवजा देने का आश्वासन दिया।1 लाख रुपये तत्काल सहायता राशि प्रदान की गई,रेडक्रॉस की ओर से 30 हजार रुपये अतिरिक्त सहायता की घोषणा,शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।राउरकेला के सहायक वन संरक्षक जी.पी.एस. माथुर ने कहा कि नियमानुसार मृतक के वैधानिक उत्तराधिकारी को पूरी सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
🟠तीन दिनों में तीन मौतें, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
राउरकेला वन प्रभाग में हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा हैं।
🔸️शुक्रवार – कुआरमुंडा वन क्षेत्र में वृद्ध महिला की मौत।
🔸️शनिवार – बांकी वन क्षेत्र में महिला की मौत।
🔸️ रविवार – पानपोष क्षेत्र में किसान नीलांबर कालो की मौत।
लगातार तीन दिनों में तीन लोगों की मौत ने वन्यजीव प्रबंधन और मानव सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
🟠स्थायी समाधान की मांग तेज
ग्रामीणों का कहना हैं,कि केवल मुआवजा देना पर्याप्त नहीं है। हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी, गांवों में अलर्ट सिस्टम, वन क्षेत्रों की नियमित पेट्रोलिंग और मानव-हाथी संघर्ष रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए।विशेषज्ञों का मानना हैं,कि हाथियों के पारंपरिक मार्गों का संरक्षण, आधुनिक ट्रैकिंग सिस्टम और त्वरित सूचना तंत्र विकसित किए बिना ऐसी घटनाओं को रोकना मुश्किल होगा।












