न्यूज डेस्क,सुंदरगढ़,उड़ीसा,11जून2026
ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के किंजिरकेला थाना क्षेत्र अंतर्गत देवभुवनपुर पंचायत के सीमावर्ती गांवों में, संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों की सूचना के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल हैं। गांवों और जंगलों में देर रात अज्ञात लोगों के देखे जाने की खबर से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। स्थानीय स्तर पर इन व्यक्तियों के संभावित माओवादी संबंधों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमृतपाल कौर के निर्देश पर पुलिस और जिला स्वयंसेवी सुरक्षा बल (DVF) द्वारा क्षेत्र में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा हैं। गुरुवार सुबह किंजिरकेला थाना प्रभारी अनिल सामल के नेतृत्व में लगभग 20 सदस्यीय डीवीएफ टीम ने कछारजोर, टांगरजोर, धुबेंदांड और डंगरामुंडा गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से पूछताछ की तथा आसपास के जंगलों में गहन तलाशी अभियान चलाया।
ग्रामीणों के मुताबिक कुछ दिन पहले आधी रात को चिनुटुंगुरी और बाघलता जंगल से लगे कछारजोर गांव में दो संदिग्ध व्यक्तियों को देखा गया था। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दोनों गांव में पहुंचे, कुछ समय तक एक घर के सामने रुके और फिर वहां से चले गए। उसी रात डंगरामुंडा गांव में भी एक युवक ने उन्हें देखने का दावा किया।मंगलवार रात एक बार फिर कछारजोर गांव में दो अज्ञात लोगों के दिखाई देने की सूचना मिली। ग्रामीणों के अनुसार दोनों एक मकान की छत पर कुछ देर बैठे रहे और बाद में जंगल की ओर निकल गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि संदिग्धों ने ‘कोबरा’ जैसी वर्दी पहन रखी थी तथा उनके कंधों पर बड़े बैग भी थे।
हालांकि लगातार दो दिनों से चल रहे तलाशी अभियान के बावजूद पुलिस को अब तक कोई ठोस सुराग या प्रमाण नहीं मिला हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं कर रही हैं। छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा से निकटता और घने जंगलों वाले इस क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ा दी गई हैं।पुलिस प्रशासन ने क्षेत्र के लोगों से अपील की हैं,कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।












