Nexis News

धरमजयगढ़ में गजराजों का महातांडव: 24 घंटे में पलटी बाजी, 26 से बढ़कर 73 पहुंची हाथियों की संख्या

न्यूज डेस्क,धरमजयगढ़,छत्तीसगढ़,11जून2026

धरमजयगढ़ वनमंडल में हाथियों की लगातार बढ़ती गतिविधियों ने वन विभाग और ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी हैं। बीते 24 घंटे में हाथियों की संख्या में अप्रत्याशित उछाल दर्ज किया गया हैं। जहां 10 जून को वन विभाग के आंकड़ों में केवल 26 हाथी दर्ज किए गए थे, वहीं 11 जून को यह संख्या अचानक बढ़कर 73 हो गई हैं। छाल वन परिक्षेत्र में 40 हाथियों के एक बड़े दल की वापसी ने वन अमले की नींद उड़ा दी हैं।वन विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में धरमजयगढ़ वनमंडल में कुल 73 हाथी मौजूद हैं, जिनमें 22 नर, 43 मादा और 8 शावक शामिल हैं। सबसे अधिक चिंता की बात यह हैं,कि इनमें से 56 हाथियों ने अकेले छाल रेंज में डेरा जमा लिया हैं। हाथियों की इतनी बड़ी संख्या एक ही क्षेत्र में होने से ग्रामीण इलाकों में भय का माहौल बना हुआ हैं।

🟠एक सप्ताह में ऐसे बदलते रहे आंकड़े

पिछले एक सप्ताह के दौरान हाथियों की संख्या में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला हैं।

🔸️5 जून: 125 हाथियों का विशाल दल मौजूद था।

🔸️6 जून: संख्या घटकर 73 रह गई।

🔸️7 जून: 48 हाथी दर्ज किए गए।

🔸️8 जून: संख्या 41 पर पहुंची।

🔸️9 जून: मामूली बढ़ोतरी के साथ 44 हाथी रहे।

🔸️10 जून: केवल 26 हाथी दर्ज हुए, जिससे राहत की उम्मीद जगी।

🔸️11 जून: अचानक 40 हाथियों के दल की वापसी से संख्या बढ़कर 73 हो गई।

🔸️8 शावकों की मौजूदगी से बढ़ा खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार हाथियों के दल में 8 शावकों की मौजूदगी स्थिति को और संवेदनशील बना रही हैं। शावकों की सुरक्षा को लेकर मादा हाथी अधिक आक्रामक हो जाती हैं, जिससे मानव-हाथी संघर्ष की आशंका बढ़ जाती हैं।वन विभाग के अनुसार हाथियों की गतिविधियां प्राय रात के समय बढ़ जाती हैं। ऐसे में खेतों और बस्तियों की ओर उनके रुख करने की संभावना बनी हुई हैं। इससे फसलों के नुकसान और जनहानि का खतरा भी बढ़ गया हैं।

🟠वन विभाग ने जारी किया हाई अलर्ट

हाथियों की बढ़ती मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी किया हैं। ग्रामीणों से जंगलों की ओर नहीं जाने, हाथियों के करीब न पहुंचने और किसी भी गतिविधि की सूचना तत्काल वन विभाग को देने की अपील की गई हैं।अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि हाथियों का यह विशाल दल आने वाले दिनों में किस दिशा में आगे बढ़ता हैं,और वन विभाग इस चुनौती से कैसे निपटता हैं।

 

Leave a Comment

यह भी पढ़ें

error: Content is protected !!