संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,12जून2026
छत्तीसगढ़ में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत को उत्सव का स्वरूप देने के लिए,राज्य सरकार 16 जून से प्रदेशभर में शाला प्रवेश उत्सव 2026 आयोजित करेगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप आयोजित होने वाले इस अभियान के तहत नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया जाएगा तथा उन्हें स्कूलों से जोड़ने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करते हुए सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
🟠15 जून तक पूरे होंगे मरम्मत कार्य
विभाग ने निर्देश दिया हैं,कि स्कूल खुलने से पहले भवनों, कक्षाओं और परिसर की साफ-सफाई के साथ सभी आवश्यक मरम्मत कार्य 15 जून तक पूरे कर लिए जाएं। स्कूलों को आकर्षक, स्वच्छ और प्रिंट-रिच वातावरण में विकसित किया जाएगा ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके।
🟠गांव-गांव होगी मुनादी, जनभागीदारी पर रहेगा जोर
शाला प्रवेश उत्सव को जनआंदोलन का रूप देने के लिए,गांवों और शहरी वार्डों में मुनादी कराई जाएगी। बैनर, पोस्टर, रैली और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से अधिक से अधिक बच्चों का स्कूलों में नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा। अभियान में जनप्रतिनिधियों, पालकों, शाला प्रबंधन समितियों और स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
🟠स्कूल छोड़ चुके बच्चों की होगी घर वापसी
शिक्षा विभाग ने विशेष रूप से स्कूल छोड़ चुके बच्चों को पुनः मुख्यधारा से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों से प्राप्त सूची के आधार पर बच्चों का कक्षा पहली में प्रवेश कराया जाएगा, जबकि कक्षा पांचवीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों को सीधे कक्षा छठवीं में प्रवेश दिया जाएगा।
🟠मुफ्त किताबें, यूनिफॉर्म और साइकिल का वितरण
उत्सव के दौरान पात्र विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, गणवेश और साइकिल वितरित की जाएगी। साथ ही बोर्ड परीक्षाओं और स्थानीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों तथा प्रेरणादायक अभिभावकों का सम्मान भी किया जाएगा।
🟠स्थानीय संसाधनों से होगा आयोजन
स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया हैं,कि शाला प्रवेश उत्सव के लिए अलग से कोई बजट जारी नहीं किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों से किया जाएगा। अधिकारियों को विद्यालयों का नियमित निरीक्षण कर आवश्यक शैक्षणिक मार्गदर्शन देने के निर्देश भी दिए गए हैं।सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने विश्वास जताया हैं,कि सभी अधिकारी, शिक्षक और कर्मचारी छात्रहित में सक्रिय भूमिका निभाते हुए अभियान को सफल बनाएंगे और नए शिक्षा सत्र में बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करेंगे।












