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15 साल बाद भी नहीं मिला पूरा हक: बकाया भुगतान में बाधा का आरोप, ओरिंड कर्मियों ने थाने में दर्ज कराई शिकायत

न्यूज डेस्क,राउरकेला,उड़ीसा,12जून2026

लाठीकटा स्थित ओरिंड कंपनी के बंद होने के करीब 15 वर्ष बाद भी,अपने पीएफ और अन्य बकाया भुगतान के लिए संघर्ष कर रहे कर्मचारियों ने भुगतान प्रक्रिया में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए, लाठीकटा थाने में शिकायत दर्ज कराई हैं। कर्मचारियों का कहना हैं,कि मुंबई उच्च न्यायालय के आदेश के बाद शुरू हुई भुगतान प्रक्रिया को कुछ लोग प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।जानकारी के अनुसार, कंपनी बंद होने के बाद सैकड़ों कर्मचारियों को उनका वैधानिक भुगतान नहीं मिल पाया था। लंबे समय तक इंतजार के बावजूद समाधान नहीं मिलने पर कुछ कर्मचारियों ने अपने निजी खर्च पर मुंबई उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय ने कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कंपनी प्रबंधन को पीएफ और अन्य बकाया राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया था।अदालती आदेश के बाद कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से भुगतान मिलना शुरू हुआ, लेकिन इसी दौरान कुछ लोगों द्वारा प्रक्रिया में हस्तक्षेप किए जाने का आरोप लगाया गया हैं। कर्मचारियों का कहना हैं,कि इससे भुगतान कार्य प्रभावित हो रहा हैं,और वर्षों से अपने हक का इंतजार कर रहे श्रमिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं।बताया जा रहा हैं,कि 10 जून को इस मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और नोकझोंक भी हुई थी। विवाद बढ़ने के बाद 11 जून को बड़ी संख्या में पूर्व कर्मचारी लाठीकटा थाना पहुंचे और लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच तथा आवश्यक कार्रवाई की मांग की।

शिकायत में महादेव खालको, प्रभांशु दास, केदारनाथ दास, विमान माइती, जाहांगीर अली और ए.पी. राय सहित अन्य लोगों के नाम शामिल किए गए हैं। वहीं शिकायतकर्ताओं में जी. बेहरा, लक्ष्मण टोप्पो, चाओबा चंद्र केरकेट्टा, झाबूलाल लोहार, राइमंड डुंगडुंग, अशोक कुमार शर्मा, सुरेश एक्का, थॉमस मुंडा, प्रमिला राउत, प्रेम उदय लुगुन और मनोरंजन साहू प्रमुख रूप से शामिल हैं।पूर्व कर्मचारियों ने कंपनी प्रबंधन और संबंधित सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा,कि यदि समय रहते उचित कदम उठाए गए होते तो उन्हें अपने अधिकारों के लिए डेढ़ दशक तक संघर्ष नहीं करना पड़ता। फिलहाल पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी हैं। हालांकि जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनकी ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई हैं।

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