अर्पित तिवारी,रामानुजगंज,छत्तीसगढ़,19जून 2026
धान खरीदी वर्ष 2025-26 की लंबित भुगतान राशि, और किसानों के नाम पर दर्ज कथित फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण प्रकरण को लेकर किसानों का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा हैं। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, रामानुजगंज के सामने किसान नेता नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। बड़ी संख्या में किसान धरना स्थल पर डटे रहे और अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।आंदोलनकारी किसानों का आरोप है कि जिले के कई किसानों के नाम पर उनकी जानकारी और सहमति के बिना केसीसी ऋण दर्ज कर दिया गया हैं। इसके कारण धान बिक्री की राशि रोक दी गई हैं,जिससे किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। किसानों ने फर्जी ऋण प्रकरणों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई तथा लंबित धान भुगतान की तत्काल राशि जारी करने की मांग की हैं।
धरना स्थल से किसानों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए,कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो 20 जून से जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के सामने सामूहिक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। इस संबंध में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को लिखित सूचना भी सौंप दी गई हैं।आंदोलन को विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों का समर्थन भी मिलने लगा हैं। जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री अरविंद दुबे धरना स्थल पहुंचे और किसानों के समर्थन में प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का अब तक समाधान नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण हैं,और मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जानी चाहिए।
अरविंद दुबे ने आरोप लगाया,कि मृतक व्यक्तियों के नाम पर ऋण स्वीकृत होना तथा जेल में बंद किसानों, के खातों से ऋण आहरित दिखाया जाना गंभीर अनियमितताओं की ओर संकेत करता हैं। ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।किसान नेता नरेंद्र सिंह ने कहा, कि जब तक किसानों को न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने दावा किया,कि जिले में करोड़ों रुपये के फर्जी केसीसी ऋण का मामला सामने आ सकता हैं। तीसरे दिन भी धरना स्थल पर किसानों की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही और अब सभी की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।












