अर्पित तिवारी,रामानुजगंज,छत्तीसगढ़,21जून 2026
फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण और धान खरीदी की लंबित भुगतान राशि को,लेकर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रामानुजगंज के सामने पिछले पांच दिनों से जारी किसानों का आंदोलन आखिरकार प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। कई दिनों तक धरना, प्रदर्शन और क्रमिक भूख हड़ताल के बाद किसानों ने फिलहाल अपना आंदोलन स्थगित कर दिया हैं, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी हैं,कि यदि तय समय सीमा में समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र रूप में दोबारा शुरू किया जाएगा।
किसान नेता नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों किसान बैंक परिसर के सामने डटे हुए थे। किसानों का आरोप था, कि उनकी जानकारी और सहमति के बिना उनके नाम पर केसीसी ऋण दर्ज कर दिया गया, जिसके कारण धान बिक्री की लाखों रुपये की राशि अटक गई हैं। इससे किसान आर्थिक संकट और मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं।आंदोलन के चौथे दिन किसानों ने क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी थी। पांच किसानों ने अनिश्चितकालीन उपवास शुरू कर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। आंदोलन को लगातार किसान संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों का समर्थन मिलता रहा।
किसान कांग्रेस के जिला महामंत्री अरविंद दुबे, कमाल अहमद, संतोष यादव, विकास दुबे और डॉ. दिनेश यादव सहित कई लोग धरना स्थल पहुंचकर किसानों के साथ खड़े नजर आए।धरने के दौरान किसानों ने कई गंभीर आरोप लगाए। आंदोलनकारियों का कहना था कि मृत व्यक्तियों और जेल में बंद किसानों के नाम पर भी ऋण दर्ज होना सामने आया हैं, जो पूरे मामले में बड़े घोटाले की आशंका को जन्म देता हैं। किसानों ने पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने भी फोन पर किसानों से चर्चा की। उन्होंने भरोसा दिलाया,कि सरकार किसानों की समस्याओं को गंभीरता से ले रही हैं और मामले की जांच उच्च स्तर पर कराई जा रही हैं। मंत्री ने बताया, कि प्रदेश के अन्य जिलों से भी इसी प्रकार की शिकायतें सामने आई हैं, जिनकी जांच जारी हैं।आंदोलन के पांचवें दिन कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देश पर एसडीएम आनंद नेताम धरना स्थल पहुंचे और किसानों के प्रतिनिधिमंडल से विस्तृत चर्चा की। एसडीएम ने किसानों को आश्वस्त किया कि प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर हैं,और 23 जून तक किसानों के हित में ठोस निर्णय लेने का प्रयास किया जाएगा।
प्रशासन के आश्वासन के बाद एसडीएम आनंद नेताम ने किसानों को जूस पिलाकर क्रमिक भूख हड़ताल समाप्त कराई। इसके साथ ही पांच दिनों से जारी धरना भी समाप्त हो गया। हालांकि किसान नेता नरेंद्र सिंह ने साफ कहा,कि यह आंदोलन समाप्त नहीं बल्कि स्थगित किया गया हैं। यदि निर्धारित समय तक समाधान नहीं हुआ तो किसान फिर से सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे।यह आंदोलन पूरे जिले में चर्चा का विषय बना रहा और अब सभी की निगाहें 23 जून को प्रशासन द्वारा लिए जाने वाले निर्णय पर टिकी हुई हैं।












