डेनियल सेप्टी,कांकेर,छत्तीसगढ़,23जून2026
नक्सल प्रभावित क्षेत्र में शांति, विश्वास और विकास की,नई तस्वीर पेश करते हुए 94वीं वाहिनी बीएसएफ ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर,एक ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन किया। नक्सलवाद के उदय के बाद पहली बार कोटरी नदी तट स्थित रमणीय बेचाघाट में राष्ट्रीय स्तर पर योग दिवस का आयोजन किया गया, जिसे क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा हैं।
कभी नक्सली गतिविधियों के कारण संवेदनशील माने जाने वाले,कोटरी नदी तट पर इस बार योग, स्वास्थ्य और सामाजिक समरसता का संदेश गूंजता दिखाई दिया। 94वीं वाहिनी बीएसएफ के कमांडेंट रविंदर सिंह चंदेल के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में 200 से अधिक स्कूली बच्चों, ग्रामीणों और बीएसएफ जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की इस वर्ष की वैश्विक थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” के अनुरूप सीओबी छोटे बेठिया और बेचाघाट क्षेत्र में सामूहिक योगाभ्यास किया गया। प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान बीएसएफ ने स्कूली बच्चों को स्टेशनरी सामग्री,वितरित कर शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित किया। वहीं सभी प्रतिभागियों के लिए पौष्टिक अल्पाहार की व्यवस्था भी की गई। बीएसएफ के इस मानवीय और सामाजिक प्रयास की ग्रामीणों ने सराहना करते हुए,इसे सुरक्षा बलों और आम जनता के बीच बढ़ते विश्वास का प्रतीक बताया।यह आयोजन केवल योग दिवस का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि उस बदलती तस्वीर का प्रतीक भी बना, जिसमें कभी भय और हिंसा से पहचाने जाने वाले क्षेत्र से आज शांति, स्वास्थ्य और एकता का संदेश पूरे देश तक पहुंच रहा हैं। बीएसएफ की यह पहल नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव और सामाजिक सहभागिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।












