डेनियल सेप्टी,सुकमा,छत्तीसगढ़,27जून2026
महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने,सुकमा जिले के छिंदगढ़ स्थित सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र, लस्केपारा की पोषण वाटिका में बच्चों के साथ मुनगा और पपीता के पौधे लगाकर “हर-घर मुनगा, घर-घर सुपोषण” अभियान का संदेश दिया। उन्होंने कहा,कि पौधरोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि स्वस्थ और सुपोषित समाज के निर्माण की मजबूत पहल हैं।
मंत्री ने बच्चों को मुनगा और पपीता के पोषण संबंधी महत्व की जानकारी देते हुए बताया,कि मुनगा को “सुपोषण वृक्ष” कहा जाता हैं। इसकी पत्तियां, फूल और फलियां पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं,जो कुपोषण दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। वहीं पपीता विटामिन और खनिज तत्वों का उत्कृष्ट स्रोत हैं,जो बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी हैं।
इस दौरान उन्होंने बच्चों से स्वयं पौधे लगवाए और प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने की प्रेरणा दी। साथ ही अभिभावकों से अपील की कि वे अपने घरों और आंगनों में मुनगा के पौधे अवश्य लगाएं, ताकि परिवार को घर के आसपास ही पौष्टिक आहार उपलब्ध हो सके।मंत्री राजवाड़े ने कहा कि स्वस्थ बचपन, सुपोषित परिवार और हरित भविष्य हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। यदि हर परिवार पोषण देने वाले पौधे लगाए, तो कुपोषण मुक्त समाज का लक्ष्य तेजी से हासिल किया जा सकता हैं।
उन्होंने बताया,कि राज्य सरकार के सुपोषण अभियान के तहत प्रदेशभर में पोषण वाटिकाओं के माध्यम से बच्चों, किशोरियों और गर्भवती महिलाओं को स्थानीय स्तर पर पौष्टिक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। बस्तर से शुरू हुआ यह अभियान अब पूरे प्रदेश में पोषण और पर्यावरण संरक्षण की जनजागरूकता का मजबूत माध्यम बन रहा हैं।












