संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,28जून2026
गर्भवती एवं शिशुवती माताओं के स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षित मातृत्व को प्राथमिकता देते हुए,छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के अंतर्गत 15 जून से 15 जुलाई तक चल रहे विशेष पंजीयन अभियान में राज्य ने देशभर में प्रथम स्थान हासिल किया हैं। उल्लेखनीय हैं,कि अभियान शुरू होने के महज 9 दिनों के भीतर ही छत्तीसगढ़ ने निर्धारित लक्ष्य का 72 प्रतिशत पूरा कर लिया, जो देश के अन्य राज्यों की तुलना में सबसे बेहतर प्रदर्शन माना जा रहा हैं।राज्य ने केवल नए हितग्राहियों के पंजीयन में ही नहीं, बल्कि प्री-रजिस्टर्ड हितग्राहियों के लंबित मामलों के निराकरण में भी देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया हैं। यह उपलब्धि महिला एवं बाल विकास विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पर्यवेक्षकों, मैदानी अमले और जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों का परिणाम मानी जा रही हैं।
🟠जांजगीर-चांपा ने किया शानदार प्रदर्शन
विशेष अभियान के दौरान जांजगीर-चांपा जिले ने 96 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया हैं। जिले के उत्कृष्ट प्रदर्शन को प्रभावी मॉनिटरिंग, सक्रिय मैदानी अमले और जनसहभागिता का परिणाम बताया जा रहा हैं।
🟠मातृ स्वास्थ्य को मिल रहा मजबूत सहारा
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना केंद्र सरकार की प्रमुख मातृत्व कल्याण योजना हैं,जिसके तहत पात्र महिलाओं को गर्भावस्था और प्रसव के दौरान आर्थिक सहायता प्रदान की जाती हैं। योजना के अंतर्गत पहली जीवित संतान के जन्म पर ₹5,000 तथा दूसरी संतान यदि बालिका हो तो ₹6,000 की प्रोत्साहन राशि दी जाती हैं। इसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार, सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देना और नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य को सुनिश्चित करना हैं।
🟠मुख्यमंत्री ने टीम की सराहना की
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर महिला एवं बाल विकास विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सभी सहयोगी संस्थाओं को बधाई देते हुए कहा, कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ जल्द ही 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर देश के लिए एक मॉडल राज्य बनेगा।
🟠मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की अपील
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा, कि यह सफलता विभागीय टीम की मेहनत, सतत निगरानी और जनसेवा के प्रति समर्पण का परिणाम हैं। उन्होंने प्रदेश की सभी पात्र गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं से अपील की,कि वे 15 जुलाई 2026 तक अपना पंजीयन अवश्य कराएं, ताकि शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना का पूरा लाभ प्राप्त कर सकें।












