न्यूज डेस्क,अंबिकापुर,छत्तीसगढ़,30जून2026
साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे,अभियान के तहत सरगुजा पुलिस ने म्यूल अकाउंट (Mule Account) के जरिए साइबर ठगी में सहयोग करने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया हैं। आरोपी के बैंक खाते में गेमिंग और ऑनलाइन धोखाधड़ी से जुड़ी, रकम ट्रांसफर होने तथा एक से अधिक संदिग्ध ट्रांजेक्शन मिलने के बाद उसके खिलाफ कार्रवाई की गई।पुलिस के अनुसार, भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) से प्राप्त जानकारी और पुलिस मुख्यालय रायपुर के निर्देश पर संदिग्ध बैंक खातों एवं फर्जी मोबाइल नंबरों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान बेलखरीखा निवासी मोहम्मद सम्मी (19 वर्ष) के बैंक खाते का उपयोग साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए किए जाने की पुष्टि हुई।
आरोपी के खाते में 2,430 रुपये की ठगी की राशि प्राप्त हुई थी तथा खाते से कई संदिग्ध ट्रांजेक्शन भी पाए गए।मामले में थाना गांधीनगर में अपराध क्रमांक 406/2026 के तहत धारा 318(4), 317(4) एवं 111 भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी मोहम्मद सम्मी को पीजी कॉलेज के पास से हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने अनुज सिंह के साथ मिलकर अपना बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था और इसके बदले कमीशन भी लिया था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी का खाता गेमिंग और ऑनलाइन फ्रॉड से जुड़े पैसों के लेन-देन में इस्तेमाल किया जा रहा था।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया हैं। वहीं, इस मामले में सह-आरोपी अनुज सिंह को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज चुकी हैं।सरगुजा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को कमीशन या लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, मोबाइल सिम या इंटरनेट बैंकिंग की सुविधा उपलब्ध न कराएं। ऐसा करना साइबर अपराध में सहभागिता माना जाता हैं,और इसके लिए कानूनी कार्रवाई की जा सकती हैं।पुलिस ने स्पष्ट किया हैं,कि साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले म्यूल अकाउंट धारकों, संदिग्ध बैंक खातों और फर्जी मोबाइल नंबरों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।












