अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,30जून 2026
कभी-कभी प्रशासन का एक छोटा-सा फैसला किसी की पूरी जिंदगी बदल देता हैं। ऐसा ही भावुक और प्रेरणादायक दृश्य मंगलवार को बलरामपुर कलेक्टर कार्यालय में,आयोजित जनदर्शन के दौरान देखने को मिला, जब जन्म से दृष्टिबाधित युवक वीरेंद्र चीक को उनकी जरूरत के अनुरूप तत्काल सहायता उपलब्ध कराई गई।शंकरगढ़ विकासखंड के ग्राम चांगरो निवासी वीरेंद्र चीक अपनी रोजमर्रा की परेशानियों को लेकर कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने बताया,कि दृष्टिबाधित होने के कारण उन्हें हर छोटे-बड़े काम के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता हैं। किसी को फोन करना हो, जानकारी लेनी हो या डिजिटल भुगतान करना हो, हर बार किसी के सहारे की जरूरत पड़ती थी।
वीरेंद्र की बात सुनते ही,कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने,बिना किसी औपचारिकता और देरी के उन्हें स्मार्ट केन स्टिक तथा दृष्टिबाधितों के लिए विशेष रूप से उपयोगी स्मार्ट मोबाइल उपलब्ध कराया। कलेक्टर ने, स्वयं उन्हें यह उपकरण सौंपे और भविष्य में भी हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।सहायता मिलने के बाद वीरेंद्र की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। भावुक होकर उन्होंने कहा, “आज मुझे ऐसा लग रहा हैं,कि मेरी जिंदगी बदल गई हैं। अब यह मोबाइल ही मेरा भाई, मेरा साथी और मेरी आंखें हैं। पहले हर काम के लिए दूसरों का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब मैं खुद फोन कर सकूंगा, डिजिटल पेमेंट कर सकूंगा और अपने जरूरी काम बिना किसी पर निर्भर हुए कर पाऊंगा।”
कलेक्टर ने वीरेंद्र से आत्मीयता से बातचीत करते हुए उनका हालचाल जाना और कहा,कि प्रशासन का उद्देश्य केवल समस्याएं सुनना नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाकर उनके जीवन को आसान बनाना भी हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दिव्यांगजनों से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित किया जाए।बलरामपुर प्रशासन की यह पहल एक बार फिर साबित करती हैं,कि जनदर्शन केवल शिकायत निवारण का मंच नहीं, बल्कि संवेदनशील और जनकेंद्रित प्रशासन की पहचान बन चुका हैं। समय पर मिली इस सहायता ने वीरेंद्र को आत्मनिर्भरता की नई राह दिखाई हैं,और उनके जीवन में उम्मीद की नई रोशनी जगा दी हैं।












