अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,1जुलाई 2026
सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में,बलरामपुर-रामानुजगंज पुलिस ने, एक महत्वपूर्ण पहल की हैं। जिले के वाड्रफनगर स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में बुधवार को आयोजित, अंतरराज्यीय बॉर्डर समन्वय बैठक में चार राज्यों छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और झारखंड के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने एक मंच पर आकर, सीमावर्ती अपराधों के खिलाफ संयुक्त रणनीति तैयार की।पुलिस अधीक्षक बलरामपुर के मार्गदर्शन में, आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता एसडीएम वाड्रफनगर नीरनिधि नंदेहा एवं एसडीओपी राम अवतार ध्रुव ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना, राज्यों के बीच सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित करना तथा संयुक्त कार्रवाई को और अधिक मजबूत बनाना था।
🟠इन गंभीर अपराधों पर बनी संयुक्त रणनीति
बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रही आपराधिक गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने विशेष रूप से निम्न बिंदुओं पर साझा कार्ययोजना तैयार की—
🔸️अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन
🔸️मवेशियों की तस्करी
🔸️गांजा, शराब एवं अन्य मादक पदार्थों की तस्करी
🔸️साइबर अपराध एवं ऑनलाइन ठगी
🔸️फरार वारंटियों एवं आदतन अपराधियों की गिरफ्तारी
🔸️बॉर्डर चेक पोस्टों पर नियमित जांच
🔸️संयुक्त नाकाबंदी अभियान
🔸️अंतरराज्यीय अपराधियों के आपराधिक रिकॉर्ड का आदान-प्रदान
🔸️विवेचना के दौरान आने वाली व्यावहारिक समस्याओं का समाधान
अधिकारियों ने इस बात पर सहमति जताई,कि अपराधी अक्सर एक राज्य में वारदात कर दूसरे राज्य में शरण लेते हैं। ऐसे मामलों में अब चारों राज्यों की पुलिस बिना देरी के एक-दूसरे का सहयोग करेगी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
🟠साइबर अपराध पर भी रहेगा विशेष फोकस
बैठक में साइबर अपराधों के लगातार बदलते स्वरूप पर भी गंभीर चर्चा हुई। अधिकारियों ने ऑनलाइन ठगी, फर्जी बैंक खाते,डिजिटल फ्रॉड और अंतरराज्यीय साइबर गिरोहों के खिलाफ साझा सूचना तंत्र विकसित करने पर जोर दिया।निर्णय लिया गया,कि किसी भी राज्य में साइबर अपराध से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी तत्काल अन्य राज्यों के अधिकारियों के साथ साझा की जाएगी ताकि अपराधियों तक जल्दी पहुंचा जा सके।
🟠संयुक्त चेकिंग और नाकाबंदी होगी और मजबूत
चारों राज्यों की पुलिस ने सीमावर्ती क्षेत्रों में नियमित संयुक्त चेकिंग अभियान चलाने का फैसला किया। संदिग्ध वाहनों की जांच,रात में विशेष नाकाबंदी और संवेदनशील मार्गों पर निगरानी बढ़ाने पर भी सहमति बनी।अधिकारियों का मानना हैं,कि इससे मादक पदार्थों, अवैध रेत, मवेशियों और अन्य प्रतिबंधित सामग्री की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।
🟠तत्काल सूचना साझा करने के लिए बना व्हाट्सएप ग्रुप
बैठक का सबसे अहम निर्णय चारों राज्यों के पुलिस अधिकारियों का संयुक्त व्हाट्सएप ग्रुप बनाना रहा। इसके माध्यम से संदिग्ध अपराधियों की गतिविधियां, फरार वारंटी, तस्करी की सूचनाएं और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां रियल टाइम में साझा की जाएंगी, जिससे कार्रवाई में तेजी आएगी।
🟠चार राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में उत्तर प्रदेश से थाना प्रभारी बभनी डी.पी. यादव, मध्य प्रदेश से सीएसपी उमेश प्रजापति, थाना प्रभारी बैढ़न अशोक सिंह परिहार, थाना प्रभारी शासन संदीप नामदेव, झारखंड से एसडीपीओ सत्येंद्र नारायण सिंह, थाना प्रभारी धुरकी जनार्दन राऊत, तथा छत्तीसगढ़ से थाना प्रभारी सनावल बृजलाल भारद्वाज, थाना प्रभारी रघुनाथनगर रघुनाथ सिंह मरावी, चौकी प्रभारी वाड्रफनगर डाकेश्वर सिंह, चौकी प्रभारी बलंगी बृजमोहन गुप्ता सहित अन्य पुलिस अधिकारी एवं प्रशिक्षु उप निरीक्षक उपस्थित रहे।
🟠अपराधियों के लिए कड़ा संदेश
बैठक के अंत में अधिकारियों ने स्पष्ट किया,कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराध करने वाले तत्व अब किसी भी राज्य में छिपकर बच नहीं पाएंगे। चारों राज्यों की पुलिस के बीच मजबूत समन्वय और त्वरित सूचना तंत्र के माध्यम से ऐसे अपराधियों के खिलाफ संयुक्त और प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।












