डेनियल सेप्टी,कांकेर,छत्तीसगढ़,6जुलाई 2026
ग्राम पंचायत जयपुर में तालाब सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर,गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। करीब 2 लाख 94 हजार रुपये की स्वीकृत राशि वाले इस कार्य में सरपंच, सचिव, इंजीनियर और एसडीओ की कथित मिलीभगत से सरकारी राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया हैं। सबसे गंभीर आरोप यह हैं,कि एक ही बिल नंबर का उपयोग कर दो अलग-अलग फाइलों से भुगतान किया गया। मामले ने पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की पारदर्शिता और वित्तीय व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
🟠नाममात्र का काम, पूरी राशि आहरित होने का आरोप
जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत जयपुर में तालाब की सफाई, गहरीकरण और सौंदर्यीकरण के लिए लगभग ₹2.94 लाख स्वीकृत किए गए थे। आरोप हैं, कि धरातल पर कार्य बेहद सीमित हुआ, जबकि रिकॉर्ड में काम पूरा दिखाकर पूरी राशि निकाल ली गई। स्थानीय लोगों का कहना हैं,कि मौके पर विकास कार्य का स्तर भुगतान के अनुरूप दिखाई नहीं देता।
🟠एक ही बिल नंबर से दो बार भुगतान का दावा
दस्तावेजों के आधार पर आरोप लगाया गया हैं,कि कार्य से संबंधित दो अलग-अलग भुगतान फाइलों में, एक ही सीरियल नंबर 259 का बिल लगाया गया और दोनों के आधार पर अलग-अलग भुगतान जारी कर दिया गया। यदि जांच में यह तथ्य सही पाया जाता हैं, तो यह सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला हो सकता हैं।
🟠इंजीनियर और अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल
नियमों के अनुसार किसी भी निर्माण कार्य का भुगतान स्थल निरीक्षण, माप पुस्तिका और तकनीकी सत्यापन के बाद ही किया जाता हैं। आरोप हैं,कि बिना समुचित निरीक्षण और सत्यापन के ही कार्य का मूल्यांकन कर भुगतान प्रक्रिया पूरी कर दी गई। इससे संबंधित तकनीकी अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई हैं।
🟠ग्रामीणों ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग
ग्रामीणों का आरोप हैं,कि पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर कागजों में खर्च दिखाकर सरकारी राशि निकाली जाती हैं,जबकि वास्तविक कार्य अधूरा या नाममात्र का रहता हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की हैं।मामले को लेकर जनपद पंचायत के सीईओ ने जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं,कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होती हैं।












