कांकेर में बारिश के बीच अंतिम संस्कार को मजबूर ग्रामीण, बिना टीन की छत वाला श्मशान शेड बना प्रशासनिक लापरवाही की मिसाल

डेनियल सेप्टी,कांकेर,छत्तीसगढ़,6जुलाई 2026

छत्तीसगढ़ में सुशासन और बुनियादी सुविधाओं के दावों के बीच,कांकेर जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई हैं,जिसने ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोयलीबेड़ा विकासखंड के ग्राम पंचायत कृष्णानगर के आश्रित ग्राम पीव्ही-12 सुभाषनगर में श्मशान घाट का शेड बिना टीन की छत के बना हुआ हैं। लगातार हो रही बारिश के बीच ग्रामीणों को अपने परिजनों का अंतिम संस्कार खुले आसमान के नीचे और भीगते हुए करना पड़ रहा हैं। घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी हैं।🟠श्मशान में शेड तो बना,लेकिन छत आज तक नहीं

ग्रामीणों के मुताबिक श्मशान घाट में लाखों रुपये खर्च कर शेड का निर्माण तो किया गया,लेकिन उस पर आज तक टीन की छत नहीं लगाई गई। नतीजतन,बारिश के दौरान शेड होने के बावजूद उसका कोई लाभ नहीं मिल रहा। अंतिम संस्कार के समय परिजनों और ग्रामीणों को बारिश में भीगते हुए अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती हैं।

🟠एक साल से कर रहे मांग, नहीं हुई सुनवाई

ग्रामीणों का आरोप हैं,कि पिछले लगभग एक वर्ष से वे सरपंच और पंचायत सचिव से श्मशान शेड पर टीन लगाने की मांग कर रहे हैं। कई बार मौखिक रूप से भी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना हैं,कि बार-बार आश्वासन तो मिला, लेकिन सुविधा आज तक नहीं मिली।

🟠वीडियो ने खोली जमीनी हकीकत

ग्रामीणों द्वारा जारी वीडियो में बारिश के बीच अंतिम संस्कार करते लोग साफ दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना हैं,कि किसी भी परिवार के लिए अंतिम विदाई सबसे भावुक और संवेदनशील पल होता हैं,लेकिन यहां शोक की घड़ी में भी लोगों को बारिश और अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा हैं। इससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही हैं।

🟠प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की हैं,कि श्मशान घाट के शेड पर तत्काल टीन की छत लगाई जाए, ताकि बरसात के मौसम में अंतिम संस्कार के दौरान लोगों को सम्मानजनक और सुरक्षित व्यवस्था मिल सके। ग्रामीणों का कहना हैं,कि विकास केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि ऐसी बुनियादी सुविधाएं समय पर पूरी होना भी जरूरी हैं। अब देखना होगा कि वीडियो सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या का समाधान कितनी जल्दी करते हैं।

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