न्यूज डेस्क,अंबिकापुर,छत्तीसगढ़,8जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति को पूरी तरह डिजिटल बनाने के लिए VSK (विद्या समीक्षा केंद्र) ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया हैं। शासन का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाना और शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना हैं। वहीं, विभागीय निर्देशों के अनुसार ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं होने पर वेतन प्रभावित हो सकता हैं।
हालांकि, सरगुजा संभाग के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में यह व्यवस्था अब व्यावहारिक चुनौतियों का सामना कर रही हैं। कई सरकारी स्कूल ऐसे हैं,जहां आज भी मोबाइल नेटवर्क की गंभीर समस्या बनी हुई हैं। ऐसे में शिक्षक समय पर विद्यालय पहुंचने के बावजूद VSK ऐप पर चेक-इन और चेक-आउट दर्ज नहीं कर पा रहे हैं।शिक्षकों का कहना हैं,कि वे नियमित रूप से स्कूल पहुंचकर अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं,लेकिन तकनीकी दिक्कतों के कारण उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाने से वेतन कटौती की आशंका बनी हुई हैं। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों के सामने नई परेशानी खड़ी हो गई हैं।
इस बीच शिक्षा विभाग का दावा हैं,कि सरगुजा संभाग के लगभग 95 प्रतिशत शिक्षक VSK ऐप का सफलतापूर्वक उपयोग कर रहे हैं,जबकि शेष लगभग 5 प्रतिशत मामलों की समीक्षा की जा रही हैं। संयुक्त संचालक, शिक्षा विभाग संजय गुप्ता ने कहा,कि जिन क्षेत्रों में वास्तविक नेटवर्क समस्या हैं,वहां शासन के मार्गदर्शन के अनुसार उचित निर्णय लिया जाएगा, ताकि शिक्षकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
VSK ऐप जीपीएस आधारित ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली पर कार्य करता हैं,जिसके माध्यम से शिक्षकों की उपस्थिति, स्कूल प्रबंधन और अन्य प्रशासनिक गतिविधियों की निगरानी की जाती हैं।अब सबसे बड़ा सवाल यह हैं,कि क्या तकनीकी खामियों और नेटवर्क की समस्या का खामियाजा दूरस्थ क्षेत्रों में पदस्थ शिक्षकों को भुगतना पड़ेगा, या फिर शासन इन क्षेत्रों के लिए कोई व्यावहारिक और स्थायी समाधान लेकर आएगा।












