न्यूज डेस्क,धरमजयगढ़,छत्तीसगढ़,11जुलाई2026
रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वनमंडल में शनिवार तड़के हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया। अलग-अलग स्थानों पर हुए हमलों में दो ग्रामीणों की दर्दनाक मौत हो गई,जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। सबसे मार्मिक घटना कापू रेंज के लिप्ती गांव में सामने आई,जहां एक मां ने अपनी दुधमुंही बच्ची को बचाने के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। उधर, हाथियों के झुंड ने 9 ग्रामीणों के मकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया और निगरानी कर रही वन विभाग की बोलेरो गाड़ी पर भी हमला कर दिया। पूरे इलाके में दहशत का माहौल हैं।
🟠क्षेत्र में 106 हाथियों का डेरा, लगातार बढ़ रहा खतरा
जानकारी के अनुसार, धरमजयगढ़ वनमंडल की विभिन्न रेंजों में इस समय करीब 106 हाथियों का दल विचरण कर रहा हैं। लगातार गांवों की ओर बढ़ रहे हाथियों के कारण ग्रामीणों में भय का माहौल हैं। वन विभाग द्वारा निगरानी की जा रही हैं,लेकिन हाथियों की गतिविधियों के चलते स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई हैं।
🟠कटहल की खुशबू बनी मौत का कारण, मां ने बच्ची को बचाकर खुद गंवाई जान
पहली घटना सुबह करीब 4 बजे कापू वन परिक्षेत्र के लिप्ती गांव में हुई। बताया गया,कि ग्रामीण शकुंतला सिदार के घर के पास लगे कटहल के पेड़ की खुशबू से आकर्षित होकर एक जंगली हाथी गांव में पहुंच गया।हाथी की चिंघाड़ सुनकर शकुंतला की नींद खुली। उन्होंने अपनी दुधमुंही बच्ची को सीने से लगाकर घर से भागने की कोशिश की, लेकिन हाथी ने उनका पीछा कर हमला कर दिया। हमले में शकुंतला की मौके पर ही मौत हो गई।मर्मस्पर्शी बात यह रही,कि मौत से पहले मां ने अपनी बच्ची को इस तरह सुरक्षित कर दिया कि मासूम को एक खरोंच तक नहीं आई। इस घटना में चांदनी चौहान गंभीर रूप से घायल हुईं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया हैं।
🟠सुबह की सैर बनी आखिरी सफर
दूसरी घटना सुबह करीब 5 बजे छाल वन परिक्षेत्र के औरानारा गांव में हुई। यहां 52 वर्षीय बंधन अगरिया रोज की तरह सुबह घर से बाहर निकले थे। इसी दौरान सड़क पार कर रहे हाथी से उनका सामना हो गया।उन्होंने भागने का प्रयास किया, लेकिन हाथी ने उन्हें पकड़कर सड़क पर पटक दिया और कुचलकर मार डाला। ग्रामीणों के मुताबिक, यह हमला इतना अचानक हुआ कि उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला।
🟠9 ग्रामीणों के घर हुए तबाह
हाथियों के झुंड ने कई गांवों में भारी नुकसान पहुंचाया। 9 ग्रामीणों के मकानों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया। प्रभावित परिवारों में हृदय लकड़ा, अभय तिग्गा, कृष्णा लकड़ा, मधुसूदन यादव, बसंत चौहान, तेजराम सिदार, सुखराम चौहान सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं। कई परिवारों के सामने अब रहने का संकट खड़ा हो गया हैं।
🟠वन विभाग की बोलेरो पर हमला, जान बचाकर भागी टीम
घटनाओं से पहले वन विभाग और हाथी मित्र दल क्षेत्र में हाथियों की निगरानी कर रहे थे। इसी दौरान एक आक्रामक हाथी अचानक टीम की ओर दौड़ पड़ा। स्थिति बिगड़ते देख वनकर्मियों और हाथी मित्रों को जान बचाकर भागना पड़ा।गुस्साए हाथी ने वन विभाग की बोलेरो वाहन पर हमला कर उसे सूंड से उठाकर पटक दिया, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया।
🟠राहत कार्य शुरू, ग्रामीणों को जारी की गई चेतावनी
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। मृतकों के परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की गई हैं,तथा क्षति का आकलन कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई हैं।वन विभाग ने मुनादी कराकर ग्रामीणों से अपील की हैं, कि सुबह-शाम जंगल या खेतों की ओर अकेले न जाएं, हाथियों की गतिविधियों की सूचना तत्काल विभाग को दें और सतर्कता बरतें।












