न्यूज डेस्क,कबीरधाम,छत्तीसगढ़,11जुलाई2026
छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध भोरमदेव अभ्यारण्य को इको-टूरिज्म के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया हैं। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने वन महोत्सव के अवसर पर 6 किलोमीटर लंबी भोरमदेव इको ट्रेल का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, वन विभाग के कर्मचारियों और ग्रामीणों के साथ जंगल ट्रेल का भ्रमण कर प्राकृतिक सौंदर्य, जैव विविधता और वन्यजीवों का अवलोकन किया।उप मुख्यमंत्री ने कहा,कि भोरमदेव क्षेत्र प्राकृतिक संपदा से भरपूर हैं,और यहां पर्यटन को बढ़ावा मिलने से स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। होटल, परिवहन, खान-पान, हस्तशिल्प और अन्य छोटे व्यवसायों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
🟠6 किलोमीटर की इको ट्रेल में मिलेगा रोमांचक अनुभव
वन विभाग द्वारा विकसित यह इको ट्रेल लगभग 6 किलोमीटर लंबी हैं,जिसे पूरा करने में करीब 3 से 4 घंटे का समय लगेगा। ट्रेल के दौरान पर्यटक घने जंगल, दुर्लभ वनस्पतियां, पक्षियों और तितलियों का अवलोकन कर सकेंगे। प्रशिक्षित नेचर गाइड पर्यटकों को जंगल, जैव विविधता और स्थानीय संस्कृति की जानकारी देंगे।
🟠वन महोत्सव में शुरू हुआ पौधारोपण अभियान
कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 51 काला आम के पौधों का रोपण कर काला आम उपवन की स्थापना की। साथ ही जिले में 50 हजार सीड बॉल अभियान और एक लाख पौधों के वितरण अभियान की शुरुआत की। पौधों के वितरण के लिए ई-रिक्शा को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
🟠बैगा समुदाय को मिली सोलर लालटेन
वन महोत्सव के दौरान बैगा समुदाय के 100 हितग्राहियों को सोलर लालटेन और जैकेट वितरित किए गए। इसका उद्देश्य दूरस्थ वन क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना हैं।
🟠स्वदेश दर्शन योजना से बदलेगी भोरमदेव की तस्वीर
उप मुख्यमंत्री ने बताया,कि स्वदेश दर्शन योजना के तहत 146 करोड़ रुपये की लागत से भोरमदेव क्षेत्र का व्यापक पर्यटन विकास किया जा रहा हैं। इसके अंतर्गत प्रवेश द्वार, संग्रहालय, पार्किंग, मेला स्थल, छेरकी महल, मड़वा महल, रामचूंआ और सरोदा बांध सहित कई पर्यटन स्थलों का विकास किया जाएगा।
🟠हर शनिवार और रविवार होगी इको ट्रेल
वन विभाग के अनुसार भोरमदेव इको ट्रेल का संचालन प्रत्येक शनिवार और रविवार को करियाआमा गेट स्थित भोरमदेव इको कैंप से किया जाएगा। इसमें भाग लेने के लिए 1,000 रुपये प्रति व्यक्ति शुल्क निर्धारित किया गया हैं। ट्रेल के दौरान पर्यटक स्थानीय भोजन, औषधीय पौधों, वन्यजीवों और भोरमदेव मंदिर की विरासत से भी परिचित हो सकेंगे।












