अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,15जुलाई 2026
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत संचालित ‘उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ के माध्यम से, बलरामपुर-रामानुजगंज जिला पूर्ण साक्षर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा हैं। जिला प्रशासन मिशन मोड में,अभियान चलाकर 15 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक असाक्षर नागरिक को शिक्षा से जोड़ने का प्रयास कर रहा हैं। अब तक 81,400 नागरिकों को साक्षर बनाया जा चुका हैं,जबकि अगले चरण के लिए 4,231 असाक्षर व्यक्तियों की पहचान की गई हैं।कलेक्टर एवं जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण की अध्यक्ष चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में जिले के सभी विकासखंडों में व्यापक सर्वेक्षण और साक्षरता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। 15 जुलाई 2026 तक सर्वे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया हैं। 14 जुलाई तक की ऑनलाइन रिपोर्ट के अनुसार 4,231 असाक्षर नागरिकों का चिन्हांकन हो चुका हैं।
🟠30 गांव और 55 वार्ड हुए शत-प्रतिशत साक्षर
जिले के 515 ग्रामों और 75 नगरीय वार्डों में संचालित इस अभियान के तहत अब तक 30 ग्राम पंचायतें और 55 नगरीय वार्ड पूरी तरह साक्षर घोषित किए जा चुके हैं। शेष क्षेत्रों में भी तेजी से सर्वे और शिक्षण कार्य जारी हैं।
🟠सितंबर में होगी ‘उल्लास महापरीक्षा’, 5 हजार परीक्षार्थियों का लक्ष्य
प्रशासन ने सितंबर 2026 में आयोजित होने वाली, उल्लास महापरीक्षा में 5,000 असाक्षर नागरिकों को शामिल करने का लक्ष्य तय किया हैं। इसके लिए 20 जुलाई तक सभी उल्लास केंद्रों का निर्धारण किया जाएगा तथा ब्लॉक स्तर पर निरीक्षण दल गठित किए जाएंगे, जो शिक्षण की गुणवत्ता और गतिविधियों की नियमित निगरानी करेंगे।
🟠रात में भी जल रही शिक्षा की अलख
जिले के कई उल्लास केंद्रों में स्वयंसेवी शिक्षक दिन के, साथ-साथ रात्रिकालीन कक्षाएं भी संचालित कर रहे हैं। इससे खेती-किसानी, मजदूरी और घरेलू कार्यों में व्यस्त लोग भी शिक्षा से जुड़ पा रहे हैं। विशेष रूप से महिलाएं उत्साहपूर्वक केंद्रों में पहुंचकर पढ़ना-लिखना और गणना सीख रही हैं।जिला प्रशासन का लक्ष्य हैं, कि सितंबर 2026 तक सभी चिन्हित असाक्षर नागरिकों को साक्षर बनाकर बलरामपुर-रामानुजगंज को पूर्ण साक्षर जिला घोषित कराया जाए।












