अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,15जुलाई 2026
बारिश का मौसम आते ही बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में,सर्पदंश के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की त्वरित कार्रवाई, पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध एंटी-स्नेक वेनम और समय पर मिले उपचार के कारण 158 मरीजों में से किसी की भी जान नहीं गई। विभाग ने नागरिकों से अपील की हैं,कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचें।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह ने बताया कि जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में एंटी-स्नेक वेनम की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई हैं। प्रशिक्षित चिकित्सकीय टीम चौबीसों घंटे मरीजों के इलाज के लिए तैयार हैं।
🟠तीन महीने में लगातार बढ़े मामले
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल में जिले में 25, मई में 56 और जून में 158 सर्पदंश के मामले दर्ज किए गए। मानसून के दौरान बढ़ते मामलों को देखते हुए उपचार व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया गया हैं,ताकि किसी भी मरीज को समय पर इलाज मिल सके।
🟠130 मरीजों का सफल इलाज,गंभीर 28 मरीज रेफर
जून में सामने आए 158 मामलों में से 130 मरीजों का सफल उपचार जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में किया गया, जबकि गंभीर हालत वाले 28 मरीजों को बेहतर इलाज के लिए उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया। राहत की बात यह रही,कि समय पर एंटी-स्नेक वेनम मिलने और चिकित्सकीय निगरानी के कारण उपचार के दौरान एक भी मरीज की मौत नहीं हुई।
🟠अंधविश्वास नहीं,अस्पताल पहुंचें
स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान तेज कर दिया हैं। मितानिनों और सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से लोगों को समझाया जा रहा हैं,कि सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक या तांत्रिक उपायों में समय बर्बाद न करें, बल्कि तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर इलाज कराएं।
🟠बरसात में रखें ये सावधानियां
🔸️खेतों और झाड़ियों में काम करते समय पूरे पैर ढकने वाले जूते पहनें।
🔸️रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का उपयोग करें।
🔸️घर और आसपास की झाड़ियों की नियमित सफाई करें।
🔸️जमीन पर सोने से बचें।
🔸️सर्पदंश होने पर प्रभावित अंग को ज्यादा न हिलाएं और तुरंत अस्पताल पहुंचें।
🔸️किसी भी प्रकार के घरेलू उपचार या झाड़-फूंक पर भरोसा न करें।
सीएमएचओ डॉ. विजय कुमार सिंह ने कहा,कि सर्पदंश एक मेडिकल इमरजेंसी हैं,लेकिन समय पर अस्पताल पहुंचने और एंटी-स्नेक वेनम से उपचार मिलने पर अधिकांश मरीजों की जान बचाई जा सकती हैं।












