अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,16जुलाई 2026
खरीफ सीजन में किसानों की मेहनत को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रखने के लिए,जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने किसानों से समय रहते प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेने की अपील की हैं। खरीफ वर्ष 2026 के लिए राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल 12 जुलाई से शुरू हो चुका हैं,जबकि फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई हैं। प्रशासन ने किसानों से अंतिम समय का इंतजार किए बिना जल्द आवेदन करने का आग्रह किया हैं।
🟠 फसलों का करा सकते हैं बीमा
योजना के तहत जिले के किसान धान (सिंचित एवं असिंचित), मक्का, मूंगफली, मूंग, उड़द, सोयाबीन, अरहर, कोदो, कुटकी और रागी जैसी अधिसूचित खरीफ फसलों का बीमा करा सकते हैं। सूखा, बाढ़, जलभराव, ओलावृष्टि और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से फसल नुकसान होने पर किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
🟠ऋणी और गैर-ऋणी दोनों किसानों को मिलेगा लाभ
इस योजना का लाभ ऋणी, गैर-ऋणी, भू-धारक और बटाईदार किसान सभी उठा सकते हैं। गैर-ऋणी किसान आवश्यक दस्तावेजों के साथ स्वैच्छिक रूप से आवेदन कर सकते हैं, जबकि ऋणी किसानों के लिए भी योजना विकल्प आधारित हैं।
🟠सिर्फ 2% प्रीमियम में मिलेगा सुरक्षा कवच
खरीफ वर्ष 2026 के लिए जिले में एचडीएफसी ईआरजीओ जनरल इंश्योरेंस कंपनी को बीमा कंपनी के रूप में चयनित किया गया हैं। किसानों को कुल बीमित राशि का केवल 2 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा।
🟠प्रति हेक्टेयर प्रीमियम राशि इस प्रकार हैं
🔸️धान (सिंचित): ₹1,100
🔸️धान (असिंचित): ₹880
🔸️मक्का: ₹814
🔸️मूंगफली: ₹924
🔸️मूंग/उड़द: ₹484
🔸️सोयाबीन/अरहर: ₹660
🔸️कोदो: ₹352
🔸️कुटकी: ₹374
🔸️रागी: ₹330
🟠बीमा के लिए जरूरी दस्तावेज
बीमा कराने के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, ऋण पुस्तिका और बुवाई प्रमाण पत्र आवश्यक हैं। आधार का बैंक खाते से लिंक और प्रमाणीकरण अनिवार्य रहेगा।
🟠72 घंटे के भीतर देनी होगी सूचना
यदि प्राकृतिक आपदा या फसल कटाई के बाद नुकसान होता हैं,तो किसान 72 घंटे के भीतर बैंक, लोक सेवा केंद्र, कृषि विभाग, राजस्व विभाग या हेल्पलाइन के माध्यम से इसकी सूचना दें, तभी दावा प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी।
🟠14447 पर मिलेगी पूरी जानकारी
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए किसान राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 14447 पर संपर्क कर सकते हैं।जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की हैं,कि वे 31 जुलाई से पहले अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा कराकर प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले आर्थिक नुकसान से खुद को सुरक्षित करें और सरकार की इस महत्वपूर्ण किसान हितैषी योजना का अधिकतम लाभ उठाएं।












