संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,17जुलाई2026
बेटियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से, सुरक्षित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे,विशेष एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले ने पूरे छत्तीसगढ़ में पहला स्थान हासिल किया हैं। 17 जुलाई को आयोजित विशेष टीकाकरण दिवस पर जिले ने, सर्वाधिक बालिकाओं का टीकाकरण कर प्रदेश में नई मिसाल पेश की। इस उपलब्धि को स्वास्थ्य विभाग की प्रभावी रणनीति, जिला प्रशासन की सक्रिय निगरानी और व्यापक जनजागरूकता अभियान का परिणाम माना जा रहा हैं।
🟠74 स्कूलों में चला विशेष टीकाकरण अभियान
13 से 18 जुलाई तक आयोजित विशेष एचपीवी टीकाकरण सप्ताह के तहत,14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को वैक्सीन लगाई जा रही हैं। जिले में 74 विद्यालयों में चिकित्सा अधिकारियों और स्वास्थ्य अमले की मौजूदगी में व्यापक अभियान चलाया गया। इस दौरान करीब 809 बालिकाओं का ऑनलाइन और 1,100 बालिकाओं का ऑफलाइन पंजीकरण व टीकाकरण किया गया। राज्य स्तर से जिले को 3,893 बालिकाओं के टीकाकरण का लक्ष्य मिला हैं।
🟠सर्वाइकल कैंसर से बचाव की दिशा में अहम कदम
एचपीवी वैक्सीन महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य प्रत्येक पात्र बालिका तक यह सुरक्षा कवच पहुंचाना हैं,ताकि भविष्य में गंभीर बीमारी के खतरे को कम किया जा सके।
🟠प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से मिली सफलता
कलेक्टर विजय दयाराम के. के मार्गदर्शन में अभियान की शुरुआत गौरेला विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नेवसा और चुकतीपानी से हुई। अभियान की सफलता में जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग के बीच बेहतर समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। स्वास्थ्य कर्मियों, शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
🟠जागरूकता पर भी विशेष जोर
टीकाकरण के साथ-साथ बालिकाओं और उनके अभिभावकों को एचपीवी संक्रमण, सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम और वैक्सीन के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया। स्वास्थ्य विभाग का मानना हैं, कि यह अभियान केवल टीकाकरण नहीं, बल्कि किशोरियों के बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हैं।












