संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,19जुलाई 2026
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित सीएम हेल्पलाइन प्रदेश के,जरूरतमंद नागरिकों के लिए भरोसेमंद और प्रभावी समाधान का माध्यम बनती जा रही हैं। त्वरित, पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था के जरिए हेल्पलाइन न केवल आम लोगों की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण कर रही हैं,बल्कि पात्र हितग्राहियों तक शासन की योजनाओं का लाभ भी शीघ्र पहुंचा रही हैं। इसका ताजा उदाहरण जशपुर जिले के एक दिव्यांग हितग्राही के मामले में देखने को, मिला, जहां महज 12 दिनों में दिव्यांग पेंशन स्वीकृत कर शुरू कर दी गई।
🟠वर्षों की परेशानी का 12 दिनों में समाधान
जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंडरीपानी निवासी प्रमनाथ मिर्रे लंबे समय से दिव्यांग पेंशन के लिए प्रयासरत थे। पात्र होने के बावजूद उनकी पेंशन स्वीकृत नहीं हो पा रही थी,जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। कई प्रयासों के बाद भी समाधान नहीं मिलने पर उनके पुत्र प्रताप मिर्रे ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई।
🟠शिकायत मिलते ही हरकत में आया प्रशासन
शिकायत दर्ज होते ही संबंधित विभाग ने मामले को प्राथमिकता देते हुए,आवश्यक दस्तावेजों और प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा किया। प्रशासन की सक्रियता के चलते सिर्फ 12 दिनों के भीतर प्रमनाथ मिर्रे की दिव्यांग पेंशन स्वीकृत कर नियमित रूप से प्रारंभ कर दी गई।
🟠परिवार ने मुख्यमंत्री और प्रशासन का जताया आभार
पेंशन शुरू होने के बाद प्रमनाथ मिर्रे और उनके परिजनों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तथा जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। परिवार का कहना है कि जिस कार्य के लिए वे लंबे समय से भटक रहे थे, वह सीएम हेल्पलाइन की मदद से कुछ ही दिनों में पूरा हो गया। उन्होंने इसे आम नागरिकों, विशेषकर दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों और जरूरतमंद लोगों के लिए बेहद उपयोगी और भरोसेमंद व्यवस्था बताया।
🟠सुशासन और जनसेवा का प्रभावी माध्यम बनी CM हेल्पलाइन
राज्य सरकार का कहना हैं,कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायतों का त्वरित,पारदर्शी और संवेदनशील निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा हैं। इससे पात्र हितग्राहियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंच रहा हैं,और शासन के प्रति लोगों का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा हैं। प्रमनाथ मिर्रे का मामला सुशासन, जवाबदेही और जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का एक प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आया हैं।












