न्यूज डेस्क,अंबिकापुर,छत्तीसगढ़,21जुलाई 2026
सरगुजा रेंज में आपातकालीन पुलिस सेवा डायल 112 को और अधिक प्रभावी,तेज़ और जनहितैषी बनाने की दिशा में पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) दीपक कुमार झा ने,मंगलवार को उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में रेंज के सभी जिलों के नोडल अधिकारी,डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेशन सेंटर (DCC) के कर्मचारी,डायल 112 में तैनात जवान और वाहन चालक शामिल हुए।समीक्षा बैठक के दौरान आईजी ने स्पष्ट कहा,कि डायल 112 केवल एक पुलिस सेवा नहीं,बल्कि संकट की घड़ी में लोगों के लिए जीवन बचाने वाली व्यवस्था हैं। इसलिए हर सूचना पर त्वरित कार्रवाई, बेहतर रिस्पांस टाइम और संवेदनशील व्यवहार ही इस सेवा की सबसे बड़ी पहचान होनी चाहिए।
🟠घटना स्थल तक सबसे पहले पहुंचे डायल 112, तभी सफल होगी व्यवस्था
आईजी झा ने कहा,कि किसी भी दुर्घटना, अपराध, विवाद, आगजनी या अन्य आपात स्थिति में सूचना मिलते ही,डायल 112 की टीम को बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा,कि हर सेकंड किसी की जिंदगी बचा सकता हैं,इसलिए रिस्पांस टाइम को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।उन्होंने कर्मचारियों को निर्देश दिए,कि वे केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित न रहें,बल्कि पीड़ितों की हर संभव मदद कर पुलिस की संवेदनशील छवि को मजबूत करें।
🟠डायल 112 की सफलता के दो बड़े उदाहरण भी किए साझा
बैठक के दौरान आईजी ने हाल ही में,डायल 112 टीमों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा,कि यही समर्पण पूरे रेंज में दिखाई देना चाहिए।बलरामपुर-रामानुजगंज में एनीकट में डूब रहे,युवक को स्थानीय लोगों और डायल 112 टीम की तत्परता से सुरक्षित बाहर निकालकर उसकी जान बचाई गई।जशपुर जिले के लोरो घाटी में भीषण सड़क दुर्घटना के, बाद वाहन के केबिन में फंसे तीन लोगों को डायल 112 और स्थानीय पुलिस ने कटर मशीन की सहायता से सुरक्षित बाहर निकालकर नया जीवन दिया।आईजी ने कहा कि ऐसे कार्य पुलिस के प्रति जनता के विश्वास को और मजबूत करते हैं।
🟠वाहनों का निजी उपयोग किया तो होगी सख्त कार्रवाई
समीक्षा के दौरान आईजी ने डायल 112 वाहनों के, संचालन और रखरखाव को लेकर भी कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा,कि आपातकालीन वाहनों का किसी भी निजी कार्य में उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। बिना आपात सूचना के वाहन का उपयोग या दुरुपयोग पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने यह भी निर्देश दिए,कि सभी वाहन हमेशा तकनीकी रूप से फिट रहें और किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहें।
🟠ड्यूटी के दौरान नशा और अनुशासनहीनता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं
आईजी झा ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा,कि डायल 112 में तैनात कोई भी कर्मचारी ड्यूटी के दौरान नशे की हालत में नहीं होना चाहिए। यदि कोई कर्मचारी अनुशासनहीनता, लापरवाही, जनता के साथ दुर्व्यवहार या सेवा में कोताही करता हैं,तो उसके खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नियमित मॉनिटरिंग कर सेवा की गुणवत्ता में लगातार सुधार सुनिश्चित करें।
🟠248 अधिकारी-कर्मचारियों ने लिया हिस्सा
इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में सरगुजा रेंज के, विभिन्न जिलों से करीब 248 अधिकारी, नोडल अधिकारी, डीसीसी कर्मचारी, वाहन चालक और डायल 112 स्टाफ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। बैठक में आपातकालीन सेवा को और अधिक प्रभावी, जवाबदेह और जनहितैषी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।












