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बलरामपुर में किशोरियों के सशक्त भविष्य की पहल : जीवन कौशल विकास पर दो दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित

अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,26जुलाई 2026

जनजातीय क्षेत्रों की किशोरी बालिकाओं को, आत्मविश्वासी,जागरूक और जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम बनाने की दिशा में, बलरामपुर जिले में महत्वपूर्ण पहल की गई। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग एवं रूम टू रीड इंडिया ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में विकासखंड बलरामपुर स्थित लाईवलीहुड कॉलेज, भेलवाडीह में दो दिवसीय जिला स्तरीय जीवन कौशल विकास कार्यशाला का आयोजन किया गया।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावासों की कक्षा 6वीं से 10वीं तक की छात्राओं का मार्गदर्शन करने वाली अधीक्षिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यशाला का उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों की किशोरियों के सर्वांगीण विकास के लिए अधीक्षिकाओं को व्यवहारिक एवं मनोवैज्ञानिक प्रशिक्षण प्रदान करना था, ताकि वे छात्राओं को बेहतर दिशा-निर्देशन दे सकें।🟠जीवन कौशल, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता पर विशेष प्रशिक्षण

दो दिवसीय कार्यशाला में किशोरावस्था के दौरान होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक परिवर्तनों, जीवन कौशल, लैंगिक समानता, सकारात्मक सोच, संवाद कौशल, निर्णय लेने की क्षमता, नेतृत्व विकास एवं सहजकर्ता (Facilitator) की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।प्रतिभागियों को विभिन्न गतिविधियों, समूह चर्चा, पोस्टर निर्माण, व्यवहारिक अभ्यास एवं सहभागितापूर्ण सत्रों के माध्यम से यह समझाया गया कि किस प्रकार किशोरियों में आत्मविश्वास, जिम्मेदारी, संवेदनशीलता एवं समस्या समाधान की क्षमता विकसित की जा सकती हैं।

🟠प्रशिक्षण का लाभ छात्राओं तक पहुंचाने का आह्वान

कार्यक्रम के दौरान सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग सुश्री समीक्षा जायसवाल ने प्रशिक्षण में तैयार किए गए पोस्टरों एवं विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन कर प्रतिभागियों की सराहना की।उन्होंने कहा,कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल किशोरी बालिकाओं के लिए ही नहीं,बल्कि किशोर बालकों के समग्र व्यक्तित्व विकास के लिए भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने अधीक्षिकाओं से आग्रह किया, कि वे प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान और अनुभव को अपने-अपने छात्रावासों की छात्राओं तक प्रभावी ढंग से पहुंचाएं, ताकि बालिकाएं अपनी छिपी प्रतिभाओं को पहचान सकें और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।

🟠शिक्षा के साथ व्यक्तित्व निर्माण पर भी रहेगा फोकस

समीक्षा जायसवाल ने कहा,कि विद्यार्थियों का विकास केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाने तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्हें आत्मनिर्भर,जागरूक,संवेदनशील और नेतृत्व क्षमता से संपन्न नागरिक बनाने की दिशा में भी कार्य करना आवश्यक हैं।उन्होंने कहा,कि यदि छात्राओं में आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित होगी, तो वे कक्षा 10वीं एवं 12वीं की परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने के साथ-साथ उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और जीवन के अन्य क्षेत्रों में भी सफलता प्राप्त कर सकेंगी।

🟠विभिन्न विकासखंडों की अधीक्षिकाओं ने की सहभागिता

कार्यशाला में बलरामपुर, शंकरगढ़, कुसमी एवं रामचंद्रपुर विकासखंड के प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावासों की अधीक्षिकाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। प्रशिक्षण के दौरान व्यवहारिक गतिविधियों, समूह अभ्यास, अनुभव साझा करने तथा जीवन कौशल आधारित शिक्षण पद्धतियों पर विशेष जोर दिया गया।इस अवसर पर रूम टू रीड इंडिया ट्रस्ट के शैलेन्द्र कुमार भारद्वाज,दीपा पटेल,विभिन्न मंडल संयोजकों, आदिवासी विकास विभाग के अधिकारियों तथा अन्य प्रतिभागियों की उपस्थिति रही।जिला प्रशासन का मानना हैं,कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम जनजातीय क्षेत्रों की किशोरियों को आत्मविश्वासी, शिक्षित एवं सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और उन्हें भविष्य की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करने के लिए तैयार करेंगे।

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