अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,30जुलाई 2026
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की शंकरगढ़ पुलिस ने, करीब सात महीने पुराने चोरी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया हैं। आरोपियों ने चोरी किए गए सोने के जेवरों को अंबिकापुर स्थित बैंक में गिरवी रखकर 3 लाख 80 हजार रुपये का गोल्ड लोन भी ले लिया था। पुलिस ने जांच के दौरान पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश करते हुए,मां-बेटे समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
🟠दिनदहाड़े हुई थी लाखों की चोरी
पुलिस के अनुसार, प्रार्थी अर्पण कुमार उरांव, निवासी बचवार, थाना शंकरगढ़ ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी,कि 31 दिसंबर 2025 को दोपहर करीब 2 बजे से शाम 4:30 बजे के बीच अज्ञात चोरों ने उनके घर का मुख्य दरवाजा और अलमारी का लॉक तोड़ दिया।चोर घर से सोने-चांदी के कीमती जेवर, 3 हजार रुपये नकद और दो CCTV कैमरे चोरी कर फरार हो गए। चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब 4 लाख रुपये आंकी गई। शिकायत के आधार पर शंकरगढ़ थाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305, 331(3) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
🟠जांच में मिला अहम सुराग
विवेचना के दौरान शंकरगढ़ पुलिस को सरगुजा जिले के गांधीनगर थाना में दर्ज एक अन्य मामले से महत्वपूर्ण जानकारी मिली। जांच में सामने आया,कि चोरी की वारदात में शामिल आरोपी आनंद पन्ना पहले ही दूसरे प्रकरण में गिरफ्तार हो चुका हैं।पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस की टीम अन्य आरोपियों तक पहुंची और पूरे नेटवर्क का खुलासा किया।
🟠चोरी के जेवर बैंक में गिरवी रखकर लिया गोल्ड लोन
पुलिस जांच में यह भी सामने आया,कि आरोपी आकाश गाईदू ने चोरी किए गए सोने के जेवर अपनी मां नीलिमा गाईदू के माध्यम से मणप्पुरम गोल्ड लोन बैंक, अंबिकापुर में गिरवी रख दिए।जेवर गिरवी रखकर आरोपियों ने ₹3.80 लाख का गोल्ड लोन प्राप्त किया। जांच में यह भी सामने आया,कि लोन की राशि में से ₹20 हजार आरोपी की बहन मंजूषा पन्ना को दिए गए थे।
🟠तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया—
🔸️आकाश गाईदू (23 वर्ष), निवासी शुभाभवनगर, अंबिकापुर
🔸️नीलिमा गाईदू (38 वर्ष), निवासी शुभाभवनगर, अंबिकापुर
🔸️मंजूषा पन्ना (31 वर्ष), निवासी भगवानपुर, अंबिकापुर
तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
🟠जांच जारी
पुलिस का कहना हैं,कि मामले में अभी भी जांच जारी हैं। चोरी की पूरी साजिश और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही हैं,कि चोरी के अन्य सामानों का क्या हुआ और क्या इस गिरोह का संबंध अन्य चोरी की घटनाओं से भी हैं।इस कार्रवाई में उप निरीक्षक रवींद्र प्रताप सिंह, सहायक उप निरीक्षक योगेश्वर पैकरा, सहायक उप निरीक्षक रफेल तिर्की, आरक्षक बबलू बैक, संदीप एम.आर. तथा सरोज केरकेट्टा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।











