अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,30जुलाई 2026
शासन की डिजिटल कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में बलरामपुर-रामानुजगंज जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया हैं। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में, संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में ई-ऑफिस संचालन संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी संचालन, ई-फाइल प्रबंधन तथा ऑनलाइन कार्यालयीन कार्यों की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया गया।प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर कलेक्टर आर.एस. लाल मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप अब सभी विभागों में फिजिकल फाइलों की जगह ई-फाइल प्रणाली को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे कार्यालयीन कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी, फाइलों के निस्तारण में तेजी आएगी और कार्यप्रणाली अधिक जवाबदेह बनेगी।
🟠ई-ऑफिस से होगी तेज और पारदर्शी कार्यप्रणाली
अपर कलेक्टर आर.एस. लाल ने कहा,कि ई-ऑफिस केवल एक डिजिटल व्यवस्था नहीं, बल्कि प्रशासनिक कार्यशैली में बड़ा बदलाव हैं। उन्होंने सभी विभागों से, अधिकतम कार्यालयीन कार्य ई-ऑफिस के माध्यम से करने और फाइलों का संचालन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा,कि डिजिटल प्रणाली अपनाने से फाइलों की अनावश्यक देरी समाप्त होगी, रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे और किसी भी स्तर पर फाइल की स्थिति आसानी से ट्रैक की जा सकेगी।
🟠ई-फाइल, डिजिटल दस्तावेज और ऑनलाइन अनुमोदन की दी गई जानकारी
प्रशिक्षण सत्र में ई-चिप्स के विशेषज्ञ देवेश्वर कश्यप ने, अधिकारियों और कर्मचारियों को ई-ऑफिस का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने ई-ऑफिस के विभिन्न मॉड्यूल का लाइव प्रदर्शन करते हुए बताया, कि किस प्रकार नई ई-फाइल बनाई जाती है, दस्तावेजों का डिजिटल संधारण किया जाता हैं,तथा ऑनलाइन अनुमोदन की पूरी प्रक्रिया संचालित होती हैं।प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया और उन्हें नियमित रूप से ई-ऑफिस के माध्यम से कार्य निष्पादित करने के लिए प्रेरित किया गया।
🟠डिजिटल प्रशासन को मिलेगी नई रफ्तार
जिला प्रशासन का मानना हैं,कि ई-ऑफिस प्रणाली के पूर्ण क्रियान्वयन से कार्यालयों में पेपरलेस कार्य संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। इससे समय और संसाधनों की बचत होने के साथ-साथ प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक तेज, पारदर्शी और नागरिक हितैषी बनेंगी। शासन की डिजिटल गवर्नेंस नीति को प्रभावी रूप से लागू करने में यह प्रशिक्षण महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।












